सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए केरल हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को AI-आधारित ट्रैफिक सर्विलांस सिस्टम लगाने का निर्देश दिया है। इस आदेश के बाद KELTRON पर भी जवाबदेही बढ़ गई है, जिससे स्मार्ट सिटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में नई उम्मीदें जगी हैं।
हाई कोर्ट की सख्ती और निर्देश
केरल हाई कोर्ट ने राज्य में सड़क सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। जस्टिस राजा विजयराघवन वी और जस्टिस के वी जयकुमार की बेंच ने राज्य सरकार को पूरी तरह से ऑटोमेटेड, AI-संचालित ट्रैफिक सर्विलांस सिस्टम लागू करने का आदेश दिया है। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य मानवीय गलतियों और प्रशासनिक देरी को कम करना है ताकि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन होने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
KELTRON और जवाबदेही
अदालत ने केरल स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (KELTRON) से उनकी मौजूदा परिचालन क्षमता और एनफोर्समेंट रिपोर्टिंग मैकेनिज्म पर सवाल किए हैं। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि सर्विलांस इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करना जरूरी है और इसके लिए रोड सेफ्टी फंड का उपयोग करके इस तकनीक को जल्द से जल्द इंस्टॉल किया जाए।
टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए अवसर
यह फैसला केवल केरल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत के अन्य राज्यों में इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम को अपनाने के बढ़ते ट्रेंड को दिखाता है। इस तरह के सरकारी प्रोजेक्ट्स से स्मार्ट सिटी सॉल्यूशंस देने वाली कंपनियों के लिए हाई-एंड सर्विलांस हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर इंटीग्रेशन और डेटा मैनेजमेंट सर्विसेज के बड़े अवसर खुल रहे हैं।
चुनौतियां और अगली सुनवाई
हालांकि, सिस्टम को रोलआउट करना एक तकनीकी चुनौती है, जिसमें हार्डवेयर मेंटेनेंस और डेटा सुरक्षा सबसे अहम है। कोर्ट ने अब सरकार से इस इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म के रोलआउट के लिए एक ठोस टाइमलाइन मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 3 नवंबर को होगी, जहां सरकार को अपनी पूरी तैयारी का ब्यौरा देना होगा।
