Kerala High Court ने राज्य के पशु बाजारों (Livestock Markets) को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि यदि **8 हफ्तों** के भीतर District Animal Market Monitoring Committees का गठन नहीं हुआ, तो राज्य के सभी पशु बाजार बंद कर दिए जाएंगे।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी
Kerala High Court के चीफ जस्टिस Soumen Sen और जस्टिस Syam Kumar V. M की बेंच ने यह कड़ा निर्देश जारी किया है। कोर्ट ने पशु क्रूरता निवारण (Prevention of Cruelty to Animals) नियमों के तहत वर्ष 2017 के दिशा-निर्देशों के पालन में हो रही ढिलाई पर नाराजगी जताई है। वर्तमान में केवल इडुक्की जिले में ही ऐसी मॉनिटरिंग कमेटी सक्रिय है, जबकि बाकी जिलों में स्थिति चिंताजनक है।
कारोबार पर क्या असर होगा?
राज्य का पशु व्यापार और मीट सप्लाई चेन मुख्य रूप से असंगठित क्षेत्र पर निर्भर है। कोर्ट की इस डेडलाइन के कारण व्यापारियों में अनिश्चितता का माहौल है। यदि 8 हफ्ते बाद बाजार बंद करने की नौबत आती है, तो स्थानीय स्तर पर पशुओं की उपलब्धता और कीमतों पर सीधा असर पड़ सकता है।
सरकार के लिए नया चैलेंज
अब राज्य सरकार को एक विस्तृत हलफनामा (Affidavit) पेश करना होगा। इसमें 2017 के नियमों के तहत दर्ज मामलों और की गई कार्रवाई का पूरा ब्यौरा देना अनिवार्य है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 2 दिसंबर, 2026 के लिए तय की है। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या प्रशासन तय समय-सीमा में इस सख्ती का पालन कर पाता है या नहीं।
