उत्तर प्रदेश के कौशांबी में एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। फैक्ट्री मालिक के घर को जमींदोज कर दिया गया है। साल **2024** में लाइसेंस रद्द होने के बावजूद यह फैक्ट्री अवैध रूप से चल रही थी।
कौशांबी में हुए इस दर्दनाक हादसे में 13 लोगों की जान गई, जिनमें 11 मासूम बच्चे शामिल थे। घटना 31 अगस्त 2026 की है, जब मनौरी बाजार इलाके में अवैध पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ। पुलिस एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किए गए मालिक नौशाद के 3 मंजिला मकान को प्रयागराज विकास प्राधिकरण और स्थानीय पुलिस ने मिलकर ढहा दिया है।
गंभीर प्रशासनिक लापरवाही
जांच में सामने आया है कि इस यूनिट का एक्सप्लोसिव लाइसेंस 2019 में मिला था, जिसे 2024 में ही अनधिकृत सामग्री भंडारण के चलते रद्द कर दिया गया था। लाइसेंस रद्द होने के बावजूद फैक्ट्री धड़ल्ले से चल रही थी, जिसने इलाके के 3 और मकानों को भी मलबे में तब्दील कर दिया।
प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
सिर्फ मकान ही नहीं, बल्कि प्रशासन ने इस लापरवाही के लिए 9 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। सरकार ने अब भारतीय न्याय संहिता और एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत मामले दर्ज किए हैं, और नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) लगाने पर भी विचार किया जा रहा है।
बाजार और निवेशकों के लिए सबक
यह घटना चेतावनी है कि रेगुलेटरी कंप्लायंस (Regulatory Compliance) में ढिलाई कितनी महंगी पड़ सकती है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि यह अभियान सिर्फ एक घटना तक सीमित नहीं रहेगा। अवैध आर्थिक संपत्तियों की पहचान की जा रही है और पूरे क्षेत्र में इसी तरह की असुरक्षित मैन्युफैक्चरिंग साइट्स पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी है।
