झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren आज रांची की PMLA कोर्ट में पेश होंगे। मामला **8.86 एकड़** जमीन घोटाले से जुड़ा है, जिसमें फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करने के आरोप हैं।
रांची की विशेष PMLA कोर्ट आज झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren के खिलाफ आरोपों को औपचारिक रूप से तय करने जा रही है। झारखंड हाई कोर्ट द्वारा ट्रायल रोकने की याचिका खारिज किए जाने के बाद, यह सुनवाई कानूनी प्रक्रिया में एक बड़ा मोड़ है। कोर्ट ने मुख्यमंत्री को वर्चुअल माध्यम से पेश होने का निर्देश दिया है।
मामले की जड़: जमीन विवाद
यह पूरा विवाद बरगाईं इलाके की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate - ED) का आरोप है कि इस संपत्ति को हासिल करने के लिए फर्जी दस्तावेजों और हेरफेर किए गए सरकारी रिकॉर्ड का सहारा लिया गया। मुख्यमंत्री ने इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
क्या है कानूनी स्थिति?
इससे पहले 8 जून को ट्रायल कोर्ट ने डिस्चार्ज पिटीशन को खारिज कर दिया था, जिसके बाद अब मामला सीधे चार्ज फ्रेमिंग की ओर बढ़ गया है। इस पूरे घोटाले में मुख्यमंत्री के अलावा 17 अन्य लोग भी आरोपी हैं, जिनमें आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह, अंतु तिर्की और मूल भूमि मालिक राजकुमार पाहान के नाम शामिल हैं।
राजनीतिक और कानूनी सफर
इस केस ने राज्य की सियासत पर गहरा असर डाला है। Hemant Soren को 31 जनवरी 2024 को गिरफ्तार किया गया था, जिसके चलते उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था। हालांकि, 28 जून 2024 को उन्हें जमानत मिल गई और उन्होंने दोबारा कार्यभार संभाला। अब कोर्ट की आज की कार्यवाही से यह तय होगा कि ट्रायल की अगली समय-सीमा क्या होगी।
