J&K और लद्दाख हाई कोर्ट ने Dal Lake में प्रदूषण कम करने के लिए फ्यूल-पावर्ड मोटरबोट्स और जेट स्की पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। अब प्रशासन सोलर और इलेक्ट्रिक बोट्स पर जोर दे रहा है, जिससे टूरिज्म सेक्टर में बड़े बदलाव की उम्मीद है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट ने एक अहम फैसले में Dal Lake में चलने वाली सभी फ्यूल-पावर्ड मोटरबोट्स और जेट स्की पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया है। चीफ जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस राजेश सेखरी की बेंच ने साफ कहा है कि इस मशहूर झील को प्रदूषण से बचाने के लिए कमर्शियल गतिविधियों पर सख्ती जरूरी है।
इमरजेंसी सेवाओं को मिली छूट
कोर्ट के आदेश के मुताबिक, प्रतिबंध का असर सभी कमर्शियल बोट्स पर पड़ेगा, लेकिन आपदा प्रबंधन (Disaster Management), कानून व्यवस्था और इमरजेंसी मेडिकल सेवाओं के लिए इस्तेमाल होने वाली नावों को इससे बाहर रखा गया है। स्थानीय प्रशासन और Lakes and Conservation Management Authority को सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इलेक्ट्रिक और सोलर बोट्स का भविष्य
कोर्ट ने सरकार को सोलर और इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन सिस्टम की व्यवहार्यता (feasibility) जांचने के निर्देश दिए हैं। यह फैसला कश्मीर में ग्रीन टेक्नोलॉजी के प्रति बड़े बदलाव का संकेत है। हालांकि, स्थानीय बोट ऑपरेटरों के लिए यह एक बड़ा आर्थिक बदलाव होगा, क्योंकि उन्हें अब अपनी नावों को इलेक्ट्रिक या सोलर तकनीक में बदलना होगा।
आगे की राह
सरकार को इस बदलाव के लिए एक औपचारिक पॉलिसी फ्रेमवर्क तैयार करने को कहा गया है, जिसकी समीक्षा कोर्ट 30 अक्टूबर को करेगी। निवेशकों और टूरिज्म सेक्टर के जानकारों के लिए यह एक बड़ा मौका हो सकता है, क्योंकि अब इलेक्ट्रिक मरीन ट्रांसपोर्ट और सोलर टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए कश्मीर के टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर में नए अवसर खुलेंगे।
