भारत को एक बड़ी कामयाबी मिली है! मलेशिया से तीन कथित बाम्बीहा गैंग के सदस्यों को प्रत्यर्पित (Deport) कर लिया गया है। ये तीनोंExtortion (फिरौती) और Arms Trafficking (हथियारों की तस्करी) जैसे गंभीर मामलों मेंWanted थे और भारत आते ही पुलिस कीHirasat (कस्टडी) में ले लिए गए। खास बात यह है कि 2026 में अब तक ऐसे 51 भगोड़ों को भारत वापस लाया जा चुका है।
भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने मलेशिया से तीन कथित बाम्बीहा गैंग सदस्यों के प्रत्यर्पण (Deportation) को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। जसप्रीत सिंह, अजय सिंह और पावनदीप सिंह नाम के इन तीनों को 24 अगस्त, 2026 को भारत आते ही तुरंत पुलिस हिरासत (Custody) में ले लिया गया।
यह तीनों फिरौती (Extortion), सीमा पार हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी (Arms and Narcotics Trafficking) और लुधियाना में ग्रेनेड हमले (Grenade Attack) में कथित संलिप्तता सहित कई गंभीर आपराधिक आरोपों मेंWanted थे। इनका वापस आना केंद्रीय एजेंसियों और पंजाब पुलिस के बीच हुए तालमेल का नतीजा है, जिन्होंने Overseas Fugitive Tracking and Extradition Cell (OFTEC) का इस्तेमाल करके इनका पता लगाया और इन्हें वापस लाया।
यह कार्रवाई केंद्र सरकार की उस उच्च-प्राथमिकता वाली पहल के अनुरूप है जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क को खत्म करना है। गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने विदेश में बैठे भगोड़ों को ट्रैक करने और प्रत्यर्पित करने के प्रयासों में तेजी लाई है। आधिकारिक रिकॉर्ड बताते हैं कि इस ऑपरेशन के साथ ही 2026 के दौरान विभिन्न आपराधिक अपराधों के लिए Wanted कुल 51 व्यक्तियों को भारत में प्रत्यर्पित या extradition किया जा चुका है।
बाम्बीहा गैंग जैसे आपराधिक सिंडिकेट, जो पंजाब, हरियाणा और दिल्ली सहित कई राज्यों में सक्रिय हैं, सुरक्षा एजेंसियों के लिए प्रमुख फोकस बने हुए हैं। सरकार की रणनीति यह सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समकक्षों के साथ काम करना है कि गंभीर अपराधों के आरोपी विदेश भागकर भारतीय न्याय प्रणाली से बच न सकें। जांच जारी रहने के साथ ही, अधिकारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे तीनों व्यक्तियों के खिलाफ लंबित आरोपों के आधार पर कानूनी कार्रवाई शुरू करेंगे।
