केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार को राज्य के विपक्ष के नेता Ritabrata Banerjee के खिलाफ 2017 के यौन दुराचार मामले में फिर से जांच शुरू करने का निर्देश दिया है। यह कदम TMC विधायक Kunal Ghosh की Amit Shah को की गई अपील के बाद उठाया गया है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल प्रशासन को 2017 के एक पुराने मामले को फिर से खोलने का सख्त निर्देश दिया है। यह मामला विपक्ष के नेता Ritabrata Banerjee पर लगे यौन दुराचार के आरोपों से जुड़ा है। इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत TMC विधायक Kunal Ghosh द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah को लिखे गए एक औपचारिक पत्र से हुई, जिसमें उन्होंने मामले की नए सिरे से जांच की मांग की थी।
क्या है पूरा मामला?
साल 2017 में एक महिला ने आरोपी नेता पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण का आरोप लगाया था। उस समय राज्य के CID (Criminal Investigation Department) ने इस मामले की जांच की थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से यह कार्यवाही ठंडे बस्ते में चली गई थी। अब केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद, राज्य के मुख्य सचिव को इन आरोपों की औपचारिक समीक्षा करने और रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है।
बढ़ती सियासी तपिश
Ritabrata Banerjee वर्तमान में पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता की भूमिका में हैं, जो उन्हें राज्य की राजनीति के केंद्र में रखता है। यह नया घटनाक्रम राज्य सरकार और केंद्रीय अधिकारियों के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है। Kunal Ghosh ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे पारदर्शिता की उम्मीद करते हैं और सबूतों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ कानूनी चुनौती को न्यौता देगी।
अब सबकी निगाहें राज्य सरकार पर टिकी हैं कि क्या वह इस संघीय निर्देश का पालन करेगी या इसके खिलाफ कोई नया स्टैंड लेगी।
