Gurugram Land Case: रिटायर्ड IAS अधिकारी D Suresh पर FIR, जमीन घोटाले का है मामला

LAWCOURT
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
Gurugram Land Case: रिटायर्ड IAS अधिकारी D Suresh पर FIR, जमीन घोटाले का है मामला

हरियाणा एंटी-करप्शन ब्यूरो ने रिटायर्ड IAS अधिकारी D. Suresh के खिलाफ गुरुग्राम में जमीन आवंटन में गड़बड़ी के आरोप में FIR दर्ज की है। मामला **500 गज** के एक प्लॉट के ट्रांसफर से जुड़ा है, जिसे कथित तौर पर बाजार भाव से काफी कम कीमत पर बेचा गया था।

क्या है पूरा मामला?

हरियाणा एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने गुरुग्राम के सेक्टर 23A में स्थित 500 वर्ग गज के एक प्लॉट के आवंटन में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाया है। जांच में सामने आया है कि 2019 में जब यह ट्रांजेक्शन हुआ, तब प्लॉट की कीमत ₹3.5 करोड़ थी, लेकिन इसे मात्र ₹6.71 लाख में ट्रांसफर कर दिया गया।

अनियमितता का आरोप

उस समय D. Suresh 'हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण' (HSVP) में चीफ एडमिनिस्ट्रेटर के पद पर तैनात थे। आरोप है कि यह प्लॉट, जिसे बकाया राशि के कारण पहले जब्त किया गया था, उसे नियमों को ताक पर रखकर बहाल किया गया और ट्रांसफर कर दिया गया। इस FIR में D. Suresh समेत 9 लोगों को नामजद किया गया है, जिन पर 'प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट' के साथ-साथ धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े की धाराएं लगाई गई हैं।

कोर्ट से मिली राहत

31 अगस्त, 2026 को सरकारी सेवा से रिटायर हुए D. Suresh ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कोर्ट ने फिलहाल उन्हें अंतरिम राहत देते हुए आदेश दिया है कि अधिकारी कोई भी दंडात्मक कार्रवाई या गिरफ्तारी करने से पहले उन्हें 7 दिन का नोटिस दें। मामले की अगली सुनवाई 16 अक्टूबर, 2026 को होगी।

रियल एस्टेट सेक्टर और हरियाणा में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से जुड़े निवेशकों के लिए यह प्रशासनिक घटनाक्रम काफी अहम है। भविष्य में इस तरह की सख्ती के चलते सरकारी मंजूरी मिलने की प्रक्रिया में बदलाव या देरी की संभावना बनी रह सकती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.