फिल्म प्रोड्यूसर Harvey Weinstein को 2006 के यौन उत्पीड़न मामले में मैनहट्टन कोर्ट ने 15 साल की कैद की सजा सुनाई है। यह फैसला लंबे समय से चल रही कानूनी कार्यवाही में एक बड़ा अपडेट है।
बुधवार को मैनहट्टन की अदालत ने जज कर्टिस फारबर की अध्यक्षता में Harvey Weinstein को 15 साल की सजा सुनाई। यह फैसला 2006 में हुए यौन उत्पीड़न के एक मामले में हुए नए ट्रायल (retrial) का निष्कर्ष है। इससे पहले 2020 की सजा को पलट दिया गया था, जिसके बाद यह नई कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई थी। हालिया ट्रायल में उन्हें मिरियम हेली (Miriam Haley) के खिलाफ किए गए अपराध का दोषी पाया गया।
बचाव पक्ष की दलीलें और कोर्ट का रुख
सुनवाई के दौरान Weinstein के वकील जैकब कपलान ने सजा कम करने की अपील की थी। उन्होंने तर्क दिया कि Weinstein को ब्लड कैंसर, डायबिटीज और हार्ट फेलियर जैसी गंभीर बीमारियां हैं, ऐसे में 15 साल की सजा उनके लिए जीवन भर की कैद के बराबर है। हालांकि, जज फारबर ने इन दलीलों को दरकिनार करते हुए सजा सुना दी। इस दौरान कोर्ट में मिरियम हेली ने अपना भावुक बयान भी दर्ज कराया।
आगे की कानूनी चुनौतियां
यह मैनहट्टन का फैसला ही कानूनी जंग का अंत नहीं है। Weinstein फिलहाल बेलेव्यू अस्पताल की मेडिकल यूनिट में हैं और अब उनकी नजरें लॉस एंजिल्स (कैलिफोर्निया) के लंबित मामलों पर हैं। कैलिफोर्निया की एक अपीलीय अदालत ने पूर्व में दी गई 16 साल की सजा को रद्द कर दिया था, जिसके बाद वहां की न्यायपालिका को अब इन मामलों पर फिर से विचार करना होगा।
