गुजरात के सबिरकांटा जिले में पुलिस ने एक हैरतअंगेज घटना का खुलासा किया है। अधिकारियों ने एक **1 महीने** के नवजात शिशु को **₹1.5 लाख** में बेचने की कोशिश कर रहे **5** लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह बच्चे को मुंबई ले जा रहा था, तभी पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। पुलिस अब एक बड़े तस्करी नेटवर्क की जांच कर रही है और दो और संदिग्धों की तलाश है।
कैसे हुआ खुलासा?
सबिरकांटा, गुजरात में पुलिस ने एक बड़े मानव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। 5 लोगों को एक नवजात शिशु को बेचने की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी ईडर-हिम्मतनगर हाईवे पर हुई, जब पुलिस ने उस गाड़ी को रोका जिसमें बच्चा और आरोपी सवार थे। आरोपियों को ₹1.5 लाख में सौदा तय कर मुंबई ले जाया जा रहा था।
तफ्तीश में सामने आया बड़ा नेटवर्क
शुरुआती जांच से पता चलता है कि यह एक सोची-समझी साजिश थी जिसमें कई लोग शामिल थे। पुलिस ने एक जोड़े, बबीबेन गमर और पपत गमर की पहचान की है, जिन्होंने कथित तौर पर एक रिश्तेदार की नवजात बेटी को बेचने की योजना बनाई थी। अन्य दो व्यक्ति, देविलाल गमर और सिताराम परमार, को बिक्री की सुविधा के लिए मध्यस्थ माना जा रहा है, जबकि प्रवीण डांगी और दिनेश डांगी भी इस समन्वय में शामिल बताए जा रहे हैं।
डेप्युटी एसपी स्मित गोहिल ने पुष्टि की है कि गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों को आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। जांच के दौरान, अधिकारियों को एक व्यापक तस्करी नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली है, जिसमें एक फरार महिला कथित तौर पर विभिन्न शहरों में लगभग 12 अन्य बच्चों की अवैध बिक्री से जुड़ी हुई है।
वर्तमान स्थिति
कानून प्रवर्तन अधिकारी वर्तमान में फरार दो संदिग्धों का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चला रहे हैं। चूँकि इस मामले में भारतीय कानूनी ढांचे के तहत गंभीर आपराधिक आरोप शामिल हैं, अधिकारी नेटवर्क को ध्वस्त करने और शिशु की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
