NIA के लिए नई स्पेशल कोर्ट: जयपुर, पटना और विशाखापत्तनम में बढ़ेगी कानूनी सक्रियता

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AuthorAditya Rao|Published at:
NIA के लिए नई स्पेशल कोर्ट: जयपुर, पटना और विशाखापत्तनम में बढ़ेगी कानूनी सक्रियता

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राजस्थान, बिहार और आंध्र प्रदेश में NIA के लिए तीन नई विशेष अदालतें बनाने का ऐलान किया है। इसका मुख्य उद्देश्य UAPA के तहत दर्ज आतंकवाद विरोधी मामलों की सुनवाई में तेजी लाना है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 28 अगस्त, 2026 को देश में कानूनी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) एक्ट, 2008 की धारा 11 के तहत इन तीन नई अदालतों की स्थापना को मंजूरी दी गई है। यह निर्णय संबंधित राज्यों के हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों के साथ विचार-विमर्श के बाद लिया गया है।

क्यों लिया गया यह फैसला?

इस पहल का प्राथमिक लक्ष्य NIA द्वारा जांच किए जा रहे मामलों, विशेष रूप से अनलॉफुल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट यानी UAPA के तहत लंबित केसों की सुनवाई को गति देना है। यह कदम दिसंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट को दिए गए उस वादे का हिस्सा है, जिसमें केंद्र सरकार ने उन सभी राज्यों में समर्पित NIA कोर्ट बनाने का भरोसा दिया था, जहां 10 या उससे अधिक मामले लंबित हैं।

फंड का पूरा गणित

सरकार ने इन अदालतों के सुचारू संचालन के लिए एक ठोस आर्थिक ढांचा तैयार किया है:

  • वन-टाइम सेटअप ग्रांट: प्रत्येक अदालत को बुनियादी ढांचे, आईटी इक्विपमेंट और वाहनों की खरीद के लिए ₹1 करोड़ का एकमुश्त अनुदान दिया जाएगा।
  • सालाना ऑपरेशनल बजट: स्टाफ की सैलरी और प्रशासनिक खर्चों के लिए हर कोर्ट को ₹1 करोड़ का वार्षिक आवर्ती अनुदान (recurring grant) भी आवंटित किया गया है।

अब सबकी नजरें इन अदालतों के कामकाज के आधिकारिक शुभारंभ और लंबित केसों के इन नई सुविधाओं में ट्रांसफर होने की प्रक्रिया पर टिकी हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.