गृह मंत्रालय ने पाकिस्तान स्थित Shahzad Bhatti Network को UAPA के तहत आधिकारिक तौर पर आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। अगस्त 2026 में **14** राज्यों में हुए बड़े क्रैकडाउन के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया है, जिसमें **200** से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हुई थी।
सुरक्षा के लिए सख्त कदम
भारत सरकार ने Shahzad Bhatti Network (SBN) को Unlawful Activities (Prevention) Act यानी UAPA के अंतर्गत प्रतिबंधित कर दिया है। यह कानूनी कार्रवाई उन लोगों पर नकेल कसने के लिए की गई है, जो देश की सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए हैं।
क्या था पूरा ऑपरेशन?
यह फैसला अगस्त 2026 में सुरक्षा एजेंसियों द्वारा चलाए गए एक बड़े ऑपरेशन का परिणाम है। 14 राज्यों में फैली इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों ने 200 से ज्यादा संदिग्धों को पकड़ा और 80 से अधिक FIR दर्ज कीं। अधिकारियों का कहना है कि यह एक हाइब्रिड 'टेरर-गैंगस्टर' सिंडिकेट है, जिसे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों का समर्थन हासिल था।
तस्करी और डिजिटल साजिश
जांच में खुलासा हुआ है कि यह नेटवर्क ड्रोन के जरिए भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और नशीले पदार्थ (नारकोटिक्स) सीमा पार से भारत भेजता था। इसके अलावा, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल भारतीय युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और उन्हें सबवर्सिव गतिविधियों में शामिल करने के लिए किया जा रहा था।
UAPA से मिली बड़ी ताकत
इस नए डेजिग्नेशन के बाद, कानून लागू करने वाली एजेंसियों के पास अब अधिक ताकत है। वे नेटवर्क से जुड़ी संपत्तियों को जब्त कर सकते हैं, कड़ी निगरानी रख सकते हैं और संगठन से जुड़े किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं। सरकार का मुख्य मकसद इस नेटवर्क की फंडिंग और रिक्रूटमेंट पाइपलाइन को पूरी तरह से ध्वस्त करना है।
