EU जनरल कोर्ट ने अडल्ट प्लेटफॉर्म Stripchat की पैरेंट कंपनी Technius की कानूनी चुनौती को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कंपनी को 'वेरी लार्ज ऑनलाइन प्लेटफॉर्म' (VLOP) के दायरे में बरकरार रखा है, जिससे अब उन्हें EU के डिजिटल सर्विसेज एक्ट (DSA) का पालन करना अनिवार्य हो गया है।
VLOP दर्जे का असर
डिजिटल सर्विसेज एक्ट (DSA) के तहत VLOP का दर्जा मिलना कोई मामूली बात नहीं है। जिन प्लेटफॉर्म्स में मंथली एक्टिव यूजर्स की संख्या अधिक होती है, उन्हें अब सिस्टमैटिक रिस्क को कम करने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे। इसमें कंटेंट मॉडरेशन, नाबालिगों की सुरक्षा और एल्गोरिदम की पारदर्शिता के लिए इंडिपेंडेंट ऑडिट शामिल है।
Stripchat के लिए इसका मतलब है कि उन्हें अब यूरोपीय मानकों के हिसाब से अपने ऑपरेशन बदलने होंगे। यूजर्स की उम्र की पुष्टि (age verification) और अवैध कंटेंट पर निगरानी के लिए कंपनी को भारी निवेश करना होगा, जिससे उनके ऑपरेशनल खर्च में बड़ा उछाल आना तय है।
भारी जुर्माने का खतरा
कंपनी के लिए सबसे बड़ी मुसीबत फाइनेंशियल पेनल्टी है। DSA के नियमों के अनुसार, अगर कंपनी सुरक्षा और पारदर्शिता प्रोटोकॉल को पूरा करने में विफल रहती है, तो उन पर उनके कुल ग्लोबल एनुअल टर्नओवर का 6% तक जुर्माना लगाया जा सकता है। यह फैसला उन सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए एक चेतावनी है जो अभी तक रेगुलेटरी दायरे से बाहर रहने की कोशिश कर रहे थे।
आगे की राह
हालांकि यह फैसला Technius के लिए एक बड़ी हार है, लेकिन कंपनी के पास अभी भी European Court of Justice में अपील करने का कानूनी विकल्प खुला है। फिलहाल, कंपनी को DSA के पूरे अधिकार क्षेत्र में रहकर कामकाज करना होगा। बाजार के जानकारों का मानना है कि यह फैसला भविष्य में अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी शिकंजा कसने का आधार बनेगा।
