Delhi High Court ने EIH Ltd को दिवंगत चेयरमैन PRS Oberoi की हिस्सेदारी से मिलने वाले डिविडेंड को अगले **4 हफ्ते** के भीतर कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करने का आदेश दिया है। यह कदम एक पारिवारिक उत्तराधिकार विवाद के बीच उठाया गया है, जिससे होटल ऑपरेटर के सामने कानूनी अनिश्चितता बढ़ गई है।
Delhi High Court ने ओबेरॉय और ट्राइडेंट होटलों की मालिक कंपनी EIH Ltd को निर्देश दिया है कि वह अपने दिवंगत चेयरमैन PRS Oberoi के शेयरों से मिलने वाले डिविडेंड को कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करे। कंपनी को यह प्रक्रिया 4 हफ्ते के भीतर पूरी करनी होगी। अदालत ने यह भी साफ किया है कि इन फंड्स को एक ब्याज देने वाले 'फिक्स्ड डिपॉजिट रिसिप्ट' (FDR) में रखा जाए, ताकि कानूनी विवाद सुलझने तक इनका मूल्य सुरक्षित रहे।
पारिवारिक विवाद और कानूनी पेंच
यह कानूनी मामला दिवंगत होटल व्यवसायी के परिवार के बीच चल रही संपत्ति की लड़ाई का हिस्सा है। PRS Oberoi की बेटी, अनास्तासिया ओबेरॉय ने EIH में हिस्सेदारी और संपत्ति के बंटवारे को लेकर यह याचिका दायर की थी। इससे पहले भी कोर्ट ने EIH और उसकी होल्डिंग कंपनियों को PRS Oberoi के शेयरों को ट्रांसफर करने पर रोक लगाई हुई है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर असर
जहां एक तरफ कानूनी विवाद चल रहा है, वहीं EIH अपने ऑपरेशंस पर ध्यान केंद्रित कर रही है। 12 अगस्त 2026 को जारी Q1 FY27 के नतीजों में कंपनी ने रेवेन्यू में 15% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की है। हालांकि, बढ़ते ऑपरेशनल खर्चों, रिनोवेशन और एनर्जी लागत के कारण कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव देखा जा रहा है।
निवेशकों के लिए क्या है स्थिति?
फिलहाल यह स्टॉक ₹300 के आसपास ट्रेड कर रहा है। पारिवारिक विवाद के कारण मैनेजमेंट की स्थिरता और ओनरशिप स्ट्रक्चर को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिस पर निवेशकों की पैनी नजर है। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 9 फरवरी 2027 के लिए तय की है। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या कंपनी बढ़ती लागत को कंट्रोल कर अपनी रेवेन्यू मोमेंटम को बरकरार रख पाती है या नहीं।
