Enforcement Directorate (ED) ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan, उनकी बेटी Veena T और दामाद P A Mohammed Riyas के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। मामला Cochin Minerals and Rutile Ltd (CMRL) से Exalogic Solutions को किए गए **₹2.78 करोड़** के कथित संदिग्ध भुगतान से जुड़ा है।
Enforcement Directorate (ED) ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan, उनकी बेटी Veena T और दामाद P A Mohammed Riyas के वित्तीय लेन-देन की जांच को और तेज कर दिया है। एजेंसी ने Prevention of Money Laundering Act (PMLA) की धारा 66(2) का इस्तेमाल करते हुए केरल के पुलिस महानिदेशक (DGP) को निर्देश दिया है कि वे इस मामले में औपचारिक रूप से FIR दर्ज करें। यह कदम केंद्रीय एजेंसी द्वारा हालिया जांच में जुटाए गए ठोस सबूतों के बाद उठाया गया है।
क्या है पूरा मामला?
इस जांच का मुख्य केंद्र ₹2.78 करोड़ का वह भुगतान है, जो कथित तौर पर निजी माइनिंग फर्म Cochin Minerals and Rutile Ltd (CMRL) ने Exalogic Solutions को भेजा था। हालांकि कंपनी की किताबों में इसे 'IT कंसल्टेंसी फीस' के रूप में दिखाया गया था, लेकिन ED का दावा है कि ये भुगतान ऐसी सेवाओं के लिए थे जो कभी दी ही नहीं गईं।
कॉर्पोरेट गवर्नेंस और रिस्क
निवेशकों और कॉर्पोरेट जगत के लिए यह मामला एक बड़ी चेतावनी है। जब भी कंसल्टेंसी भुगतान अस्पष्ट होते हैं, तो रेगुलेटर्स की नजरें उन पर टिक जाती हैं। ED का आरोप है कि जून 2026 में जब्त की गई हैंडराइटिंग वाली लेजर में दुबई तक भेजे गए अवैध फंड का ब्यौरा मिला है। PMLA कानून के तहत, अब आरोपियों पर यह साबित करने का दबाव होगा कि ये पैसा वैध था, जो कि एक जटिल कानूनी प्रक्रिया है।
राजनीतिक और कानूनी उठापटक
Communist Party of India (Marxist) ने ED की इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। हालांकि, कानूनी जानकारों का मानना है कि यदि केरल पुलिस FIR दर्ज करती है, तो संबंधित कंपनियों और इसमें शामिल लोगों के लिए कानूनी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। निवेशकों को अब इस मामले में केरल पुलिस के अगले कदम और कोर्ट की टिप्पणियों पर नजर रखनी चाहिए।
