Enforcement Directorate (ED) ने Pinarayi Vijayan के आवास पर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में समन जारी किया है। यह मामला Cochin Minerals and Rutile Limited (CMRL) से जुड़े **₹2.78 करोड़** के कथित भुगतान की जांच से संबंधित है।
एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) के अधिकारियों ने शनिवार को तिरुवनंतपुरम स्थित Pinarayi Vijayan के आवास पर पहुंचकर उन्हें समन जारी किया। यह कार्रवाई एक जारी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में की गई है। एजेंसी ने उन्हें 23 अक्टूबर को पूछताछ के लिए पेश होने का निर्देश दिया है।
क्या है पूरा मामला?
जांच का मुख्य केंद्र Cochin Minerals and Rutile Limited (CMRL) द्वारा की गई कथित वित्तीय अनियमितताएं हैं। आरोप है कि कंपनी ने Exalogic Solutions को ₹2.78 करोड़ का भुगतान किया था, जो कि Veena T द्वारा प्रबंधित एक टेक्नोलॉजी फर्म थी। ED का दावा है कि ये लेनदेन IT कंसल्टेंसी सेवाओं की आड़ में किए गए फर्जी भुगतान थे। जांच एजेंसी के पास पहले की गई छापेमारी में मिले दस्तावेजों का हवाला है, जो संदिग्ध फंड ट्रांसफर की ओर इशारा करते हैं।
कानूनी दांव-पेच
यह कानूनी लड़ाई अभी थमी नहीं है। Pinarayi Vijayan ने FIR दर्ज करने के हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जो मामला अभी लंबित है। वहीं, राजनीतिक गलियारों में इस कार्रवाई को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं हैं। राजनीतिक प्रतिनिधियों ने इसे 'राजनीति से प्रेरित' बताते हुए अनावश्यक करार दिया है। उनका कहना है कि वे कन्नूर में पार्टी के कामों में व्यस्त थे और जांच से बचने का कोई सवाल नहीं है।
बाजार और निवेशकों के नजरिए से देखें, तो इस तरह के कॉर्पोरेट-पॉलिटिकल नेक्सस से जुड़े मामले गवर्नेंस रिस्क (Governance Risk) को बढ़ाते हैं। आने वाले समय में सुप्रीम कोर्ट का फैसला और ED की आगे की जांच इस मामले की दिशा तय करेगी।
