ED की बड़ी कार्रवाई: GMADA और रियल एस्टेट कंपनियों पर रेड, मनी लॉन्ड्रिंग की जांच तेज

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AuthorMehul Desai|Published at:
ED की बड़ी कार्रवाई: GMADA और रियल एस्टेट कंपनियों पर रेड, मनी लॉन्ड्रिंग की जांच तेज

Enforcement Directorate (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत GMADA ऑफिस और उत्तर भारत के **26** अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की है। इस जांच के घेरे में Tirupati Infraprojects और Remigate Buildestates जैसी कई रियल एस्टेट कंपनियां हैं।

जांच का दायरा और एक्शन

ED ने दिल्ली, चंडीगढ़, मोहाली, पंचकुला और लुधियाना में 26 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी है। इस हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन में Greater Mohali Area Development Authority (GMADA) के ऑफिस की तलाशी भी शामिल है। यह पूरी कार्रवाई 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA) के तहत की जा रही है।

कौन-कौन सी कंपनियां घेरे में?

जांच एजेंसियां विशेष रूप से Tirupati Infraprojects Pvt Ltd, Remigate Buildestates (India), MB Infrabuild और Mera Baba Reality Associates के वित्तीय रिकॉर्ड्स को खंगाल रही हैं। ED यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन कंपनियों के प्रमोटर्स ने प्रॉपर्टी डील्स के जरिए धन को इधर-उधर किया है। चंडीगढ़ में एक सरकारी आवास पर भी तलाशी ली गई है, जो निजी डेवलपर्स और प्रशासन के बीच संदिग्ध मिलीभगत के संकेत देता है।

कानूनी जंग और भविष्य की चुनौतियां

इस छापे के बाद पंजाब सरकार ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सरकार का तर्क है कि छापेमारी से सरकारी कामकाज प्रभावित हो रहा है। कोर्ट ने फिलहाल एक वारंट ऑफिसर को मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

निवेशकों पर क्या होगा असर?

इस तरह की रेगुलेटरी स्क्रूटनी से सेक्टर में अनिश्चितता का माहौल है। इन्वेस्टर्स को ऑपरेशनल देरी, बैंक अकाउंट्स फ्रीज होने या प्रोजेक्ट्स में अड़चन आने का डर सता रहा है। आने वाले समय में हाई कोर्ट का फैसला और जांच का नतीजा यह तय करेगा कि इन कंपनियों के फाइनेंशियल हेल्थ पर कितना बड़ा असर पड़ता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.