एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने पंजाब के पूर्व उद्योग मंत्री Sunder Sham Arora और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी की है। मामला पंजाब स्मॉल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन में औद्योगिक भूखंडों के आवंटन में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है।
एजेंसी ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को पंजाब के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता Sunder Sham Arora के परिसरों पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। यह छापेमारी पंजाब और चंडीगढ़ के कई स्थानों पर की जा रही है, जिसमें उनके बेटे Prateek Arora और कुछ प्राइवेट बिजनेस ग्रुप्स से जुड़े ठिकाने भी शामिल हैं।
जांच का केंद्र क्या है?
यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और आय से अधिक संपत्ति जुटाने के आरोपों की जांच का हिस्सा है। जांच का मुख्य केंद्र 'पंजाब स्मॉल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन' (PSIEC) है। अधिकारियों की नजर औद्योगिक भूखंडों के आवंटन और ओनरशिप ट्रांसफर में हुई गड़बड़ियों पर है।
किन प्राइवेट समूहों पर है नजर?
ED इस मामले में Marbella Group, Gulmohar Township Group और Sanjeev Juneja की गतिविधियों की भी जांच कर रही है। यह मामला 2022 की रिश्वतखोरी और 2023 में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो द्वारा की गई जांच का अगला चरण माना जा रहा है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
निवेशकों को यह समझना चाहिए कि Sunder Sham Arora, Marbella Group और Gulmohar Township Group सभी निजी इकाई (Private Entities) हैं, इसलिए शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों पर इसका कोई सीधा असर नहीं होगा। हालांकि, रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में काम करने वाली अन्य कंपनियों के लिए सरकारी नियामकों की बढ़ती सख्ती एक बड़ा 'मॉनिटरेबल' फैक्टर है। ऐसी जांच से भविष्य में सरकारी विभागों की प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग बढ़ सकती है, जो सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण है।
