Enforcement Directorate (ED) ने पूर्व आंध्र प्रदेश CM Y.S. Jagan Mohan Reddy के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के 9 मामलों में रोज सुनवाई की मांग की है। तेलंगाना हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है और अगली सुनवाई **13 अक्टूबर, 2026** को तय की गई है।
कानूनी प्रक्रिया में तेजी की कोशिश
Enforcement Directorate (ED) ने पूर्व आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री Y.S. Jagan Mohan Reddy से जुड़े पुराने कानूनी विवादों को सुलझाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। 23 सितंबर, 2026 को एजेंसी ने तेलंगाना हाई कोर्ट में एक रिट याचिका (संख्या 33845/2026) दायर की है। इसमें 2016 से 2021 के बीच दर्ज हुए 9 मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की रोजाना सुनवाई (day-to-day trial) की मांग की गई है।
क्या है पूरा मामला?
ये मामले हैदराबाद की स्पेशल CBI कोर्ट में डिस्चार्ज पिटीशन के स्तर पर लंबे समय से अटके हुए हैं। इसमें कथित 'क्विड प्रो क्वो' (quid pro quo) निवेश का आरोप है। जांच एजेंसी का दावा है कि Bharati Cement Corporation, Jagati Publications और Janani Infrastructure जैसी कंपनियों में भारी निवेश किया गया था, जो पूर्व CM के पिता Y.S. Rajasekhara Reddy के कार्यकाल के दौरान लिए गए फैसलों के बदले कथित तौर पर 'रिश्वत' के रूप में दिए गए थे।
क्यों उठाई गई यह मांग?
ED का तर्क है कि पिछले एक दशक से इन मामलों में बहुत धीमी प्रगति हुई है, जो त्वरित सुनवाई के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन है। एजेंसी चाहती है कि आरोपी व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश हों ताकि मुकदमे की कार्यवाही में हो रही देरी को खत्म किया जा सके।
आगे क्या होगा?
तेलंगाना हाई कोर्ट ने इस याचिका को संबंधित अन्य मामलों के साथ जोड़ दिया है और अगली सुनवाई 13 अक्टूबर, 2026 के लिए निर्धारित की है। निवेशकों और कॉरपोरेट जगत के लिए यह मामला काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें जुड़ी कंपनियों का इतिहास रहा है। बता दें कि Bharati Cement जैसी कंपनियां समय के साथ बदल चुकी हैं और इन्हें Dalmia Bharat जैसे समूहों द्वारा अधिग्रहित किया गया है। कोर्ट के इस फैसले से आने वाले समय में गवर्नेंस और कानूनी स्पष्टता की स्थिति और बेहतर होने की उम्मीद है।
