Enforcement Directorate (ED) और Narcotics Control Bureau (NCB) ने एक बड़े एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग ऑपरेशन के तहत Mizoram और Manipur में 1,424 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है। इस कार्रवाई में कुल **₹26.01 करोड़** की संपत्ति जब्त की गई है, जो ड्रग सिंडिकेट्स को फंडिंग करने वाले हवाला नेटवर्क को तोड़ने के लिए की गई है।
म्यूल अकाउंट्स का जाल कैसे काम कर रहा था?
जांच में सामने आया है कि संगठित अपराधी आम लोगों को पैसे का लालच देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल 'म्यूल अकाउंट्स' (Mule Accounts) के तौर पर कर रहे थे। इन खाताधारकों को हर ₹1 लाख के ट्रांजेक्शन पर करीब ₹500 का कमीशन दिया जाता था। इस रैकेट के जरिए भारत-म्यांमार बॉर्डर के रास्ते होने वाले अवैध ड्रग और केमिकल के व्यापार को फंडिंग दी जा रही थी।
बैंकिंग सिस्टम के लिए कड़ी चेतावनी
इस मामले ने एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (AML) और नो योर कस्टमर (KYC) नियमों की अहमियत को फिर से बढ़ा दिया है। रेगुलेटर्स अब इस बात पर नजर रख रहे हैं कि कैसे सामान्य बैंक खातों का गलत इस्तेमाल अवैध ट्रांजेक्शन के लिए किया गया। बैंकिंग सेक्टर के एक्सपर्ट्स का मानना है कि बॉर्डर से सटे इलाकों में अब अकाउंट ओपनिंग और ट्रांजेक्शन मॉनिटरिंग के लिए गाइडलाइंस और सख्त हो सकती हैं।
आगे क्या होगा?
ED ने अब तक इस मामले में 6 गिरफ्तारियां की हैं और फ्रीज किए गए खातों से मिले डेटा को खंगाला जा रहा है। आने वाले समय में वित्तीय संस्थानों पर संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्टिंग और डिजिटल मॉनिटरिंग बढ़ाने का भारी दबाव रह सकता है।
