Tirumala Tirupati Devasthanams (TTD) घी विवाद में Enforcement Directorate ने शिकंजा कस दिया है। जांच में सामने आया है कि निजी डेयरी कंपनियों ने मिलावटी घी सप्लाई कर **₹234.5 करोड़** का बड़ा घोटाला किया था।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को मिलावटी घी सप्लाई करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। 14 अक्टूबर 2026 को एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत ₹129.85 करोड़ की संपत्ति को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है।
क्या है पूरा घोटाला?
जांच में खुलासा हुआ है कि इन डेयरी कंपनियों ने शुद्ध घी के नाम पर पाम ऑयल, पाम कर्नेल ऑयल और बीटा-कैरोटीन जैसे केमिकल का इस्तेमाल किया था। कंपनियों ने मंदिर प्रशासन को ₹234.5 करोड़ के नकली उत्पाद सप्लाई किए थे। खेल को अंजाम देने के लिए फर्जी कंपनियां (Shell Companies) बनाई गईं, ताकि गलत तरीके से खरीदे गए केमिकल के इनवॉइस को छिपाया जा सके। इसके अलावा, पैसों के हेरफेर के लिए हवाला नेटवर्क का भी इस्तेमाल किया गया।
किन कंपनियों पर हुई कार्रवाई?
इस कार्रवाई में Bhole Baba Organic Dairymilk Pvt Ltd, Sri Vyshnavi Dairy Specialities Pvt Ltd, और Sukriti Foods Pvt Ltd जैसी कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों के प्रमोटर विपिन जैन, पोमिल जैन और कैलाश चंद मंगला पर भी जांच की आंच है। इस अटैचमेंट के बाद अब तक कुल ₹132.55 करोड़ की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।
मार्केट पर असर?
निवेशकों के लिए राहत की बात यह है कि ये सभी अनलिस्टेड (Unlisted) कंपनियां हैं। इसलिए, इस मामले का शेयर बाजार या किसी लिस्टेड स्टॉक पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, यह केस सरकारी प्रोक्योरमेंट और वेंडर क्वालिटी चेक की पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े करता है। नेल्लोर की स्पेशल कोर्ट में इस मामले की चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
