पूर्व मंत्री Azam Khan को Enforcement Directorate (ED) ने रामपुर जेल से बाहर आते ही गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई Maulana Mohammad Ali Jauhar University से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में की गई है।
Enforcement Directorate (ED) ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री Azam Khan को हिरासत में ले लिया। यह गिरफ्तारी जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित फाइनेंशियल अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में की गई है। एजेंसी अब उन्हें गाजियाबाद की PMLA कोर्ट में पेश कर रिमांड की मांग करेगी।
जांच का मुख्य केंद्र यह आरोप है कि सार्वजनिक विकास के लिए आवंटित फंड को निजी संस्थान के निर्माण में गलत तरीके से डायवर्ट किया गया। इस वित्तीय मामले में ED अब तक यूनिवर्सिटी से जुड़ी लगभग ₹1,170 करोड़ की संपत्ति को प्रोविजनली अटैच कर चुकी है, जो मामले की गंभीरता को दर्शाता है।
यह कानूनी संकट Azam Khan के लिए नई मुसीबत लेकर आया है। बता दें कि उन पर और उनके सहयोगियों पर पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा 58 FIR दर्ज की जा चुकी हैं। यह मौजूदा ED जांच उस केस से अलग है, जिसमें उन्हें पहले जमानत मिली थी। अब निवेशकों और कानूनी जानकारों की नजरें गाजियाबाद कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां रिमांड को लेकर फैसला लिया जाएगा।
