सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के सेफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर का तत्काल ऑडिट करने का आदेश दिया है। इसमें CCTV नेटवर्क और स्ट्रीट लाइट की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों को **4** सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपनी होगी, जो भविष्य में सरकारी टेंडर्स और सिक्योरिटी टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए बड़े संकेत दे सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर एक सख्त रुख अपनाते हुए तत्काल प्रभाव से सेफ्टी ऑडिट के आदेश दिए हैं। स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे जिला स्तर पर निगरानी प्रणालियों (surveillance systems), स्ट्रीट लाइटिंग और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमताओं (emergency response) का निरीक्षण करें। अदालत ने विशेष रूप से 'Safe City Project' और CCTV नेटवर्क की कार्यक्षमता का आकलन करने को कहा है, जिससे पुराने सुरक्षा हार्डवेयर को अपग्रेड करने का रास्ता साफ हो सकता है।\n\nप्रशासनिक स्तर पर, यह कदम सरकार का ध्यान पब्लिक सिक्योरिटी एसेट्स को बेहतर बनाने की ओर मोड़ सकता है। जो कंपनियां सर्विलांस टेक्नोलॉजी, स्मार्ट लाइटिंग और इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी सॉल्यूशंस के काम में लगी हैं, उनके लिए यह एक बड़ी अपॉर्चुनिटी हो सकती है क्योंकि सरकार अब पुराने और खराब सिस्टम को बदलने के लिए नए टेंडर्स ला सकती है।\n\nइस ऑडिट में केवल भौतिक इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं, बल्कि नेशनल डेटाबेस ऑन सेक्सुअल ऑफेंडर्स जैसे ट्रैकिंग सिस्टम का उपयोग और फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट व POCSO कोर्ट की कार्यक्षमता की भी समीक्षा की जाएगी। निवेशकों के लिए अब नजर इस बात पर होगी कि कोर्ट के इस आदेश के बाद सरकार की तरफ से किन नए प्रोजेक्ट्स या बजट आवंटन की घोषणा की जाती है।
