दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस सांसद और JNU के पूर्व प्रोफेसर Angomcha Bimol Akoijam को यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा है। यह कार्रवाई **9 अक्टूबर 2026** को JNU से उनकी बर्खास्तगी के बाद हुई है।
कानूनी प्रक्रिया और नोटिस
दिल्ली पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(3) के तहत कांग्रेस सांसद Angomcha Bimol Akoijam को औपचारिक नोटिस जारी किया है। उन्हें वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन पहुंचकर अपना बयान दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला मई 2026 में 11 महिला छात्रों द्वारा की गई शिकायतों के बाद सामने आया था। विश्वविद्यालय की इंटरनल कंप्लेंट कमिटी (ICC) ने अपनी जांच में प्रोफेसर को कदाचार का दोषी पाया, जिसके आधार पर 9 अक्टूबर 2026 को उन्हें जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद 11 अक्टूबर 2026 को पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75 और 79 के तहत FIR दर्ज की थी।
सांसद का पक्ष
इस पूरे घटनाक्रम पर Bimol Akoijam ने खुद को निर्दोष बताया है। उन्होंने विश्वविद्यालय की जांच को 'विच हंट' (witch hunt) करार दिया है और प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें अपना पक्ष रखने का उचित अवसर नहीं दिया गया। फिलहाल, अब यह मामला पूरी तरह से कानूनी जांच के दायरे में आ गया है, जिस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
