प्रधानमंत्री आवास के पास स्थित तीन झुग्गी बस्तियों को दिल्ली हाई कोर्ट ने 6 हफ्ते के भीतर खाली करने का आदेश दिया है। सुरक्षा कारणों से 717 परिवारों को सावदा घेवरा की DUSIB कॉलोनी में शिफ्ट किया जाएगा।
दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास (लोक कल्याण मार्ग) के पास स्थित तीन झुग्गी बस्तियों को खाली करने का अंतिम निर्देश जारी कर दिया है। चीफ जस्टिस DK Upadhyaya और जस्टिस Tejas Karia की बेंच ने भाई राम कैंप, मस्जिद कैंप और DID कॉलोनी के निवासियों को 25 अगस्त, 2026 से 6 हफ्ते का समय दिया है।
सुरक्षा कारणों से लिया फैसला
अदालत ने साफ किया कि पास में स्थित एयर फोर्स स्टेशन की सुरक्षा के चलते यह कदम उठाना अनिवार्य है। कोर्ट ने दिल्ली झुग्गी और जेजे पुनर्वास नीति 2015 के उल्लंघन के तर्कों को खारिज करते हुए इसे एक जरूरी सुरक्षा फैसला बताया है।
717 परिवारों का पुनर्वास
इस आदेश से कुल 717 परिवार प्रभावित होंगे, जिन्हें सावदा घेवरा स्थित DUSIB कॉलोनी में शिफ्ट किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए रिटायर्ड जज Man Mohan Sharma की अध्यक्षता में एक मॉनिटरिंग कमेटी बनाई गई है, जो अगले 6 से 8 महीने तक काम करेगी।
सरकारी एजेंसियों की जिम्मेदारी
कोर्ट ने केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय, दिल्ली अर्बन शेल्टर इंप्रूवमेंट बोर्ड (DUSIB) और दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे सावदा घेवरा साइट पर बिजली, स्कूल, एलपीजी और डिस्पेंसरी जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करें। मॉनिटरिंग कमेटी इन एजेंसियों की जवाबदेही तय करेगी ताकि परिवारों को वहां बसने में कोई परेशानी न हो।
