Delhi High Court ने AWL Agri Business Limited की याचिका पर सुनवाई का अधिकार बरकरार रखा है। कंपनी ने 'Fortune Soya Health' ऑयल की लेबलिंग पर FSSAI के नोटिस को चुनौती दी है, जिससे कंपनी के डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क पर असर पड़ा है।
कानूनी लड़ाई का अपडेट
Delhi High Court ने स्पष्ट कर दिया है कि वह AWL Agri Business Limited (जिसे पहले Adani Wilmar Limited के नाम से जाना जाता था) द्वारा Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करेगा। 1 सितंबर 2026 को जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा ने उन तर्कों को खारिज कर दिया, जिनमें मामले को कहीं और स्थानांतरित करने की मांग की गई थी। इस फैसले से अब यह कानूनी विवाद दिल्ली में ही केंद्रित रहेगा।
क्या है पूरा विवाद?
यह मामला 17 जुलाई को जारी एक शो-कॉज नोटिस से शुरू हुआ, जिसमें FSSAI ने 'Fortune Soya Health Refined Soyabean Oil' की पैकेजिंग पर किए गए मार्केटिंग दावों पर सवाल उठाए थे। रेगुलेटर का आरोप है कि '100% Veg' और 'Cholesterol Free' जैसे दावों से नियमों का उल्लंघन हुआ है। कंपनी अब कानूनी राहत के जरिए इन दावों को सही ठहराने की कोशिश कर रही है।
डिस्ट्रीब्यूशन और ऑपरेशंस पर असर
FSSAI के निर्देश के बाद पूरे भारत में फूड सेफ्टी कमिशनर्स को अलर्ट भेज दिया गया था। इसके चलते अगस्त महीने में डिस्ट्रीब्यूटर्स और रिटेलर्स को स्थानीय अधिकारियों की पूछताछ का सामना करना पड़ा, जिससे कंपनी की सप्लाई चेन में रुकावटें आई हैं। कई ट्रेड पार्टनर्स ने एहतियात के तौर पर स्टॉक लेने से परहेज किया है।
फाइनेंशियल और इन्वेस्टर्स के लिए संकेत
कंपनी के फाइनेंशियल नतीजों पर नजर डालें तो FY26 में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹74,731 करोड़ रहा, जिसमें 17% की सालाना बढ़ोतरी देखी गई। हालांकि, नेट प्रॉफिट में 15% की गिरावट आई और यह ₹1,045 करोड़ पर आ गया। अब निवेशकों की नजर 5 नवंबर की अगली सुनवाई पर है, जहां कोर्ट इस मामले की मेरिट्स और कंपनी को मिलने वाली किसी भी अंतरिम राहत पर विचार करेगा।
