National Herald Case: दिल्ली हाई कोर्ट से ED को बड़ा झटका, एसेट्स फ्रीज करने की याचिका खारिज

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
National Herald Case: दिल्ली हाई कोर्ट से ED को बड़ा झटका, एसेट्स फ्रीज करने की याचिका खारिज

नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को बड़ी राहत देने से इनकार कर दिया है। जस्टिस सचिन दत्ता ने संपत्तियों को फ्रीज करने की अंतरिम मांग को ठुकराते हुए अब इस मामले की अंतिम सुनवाई **2 नवंबर, 2026** के लिए तय की है।

संपत्तियों का विवाद और कानूनी स्थिति

कोर्ट के इस फैसले के बाद, नेशनल हेराल्ड से जुड़ी करीब ₹752 करोड़ की प्रोविजनली अटैच्ड प्रॉपर्टीज और शेयरों की स्थिति में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा। ED ने कोर्ट से गुहार लगाई थी कि जब तक मामला अपीलेट ट्रिब्यूनल में है, तब तक एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) को इन संपत्तियों पर कोई भी एक्शन लेने से रोका जाए, जिसे अदालत ने अभी स्वीकार नहीं किया है।

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद Young Indian द्वारा Associated Journals Limited के अधिग्रहण से जुड़ा है। ED का आरोप है कि ₹90 करोड़ के विवादित लोन के जरिए रियल एस्टेट और अन्य महंगी संपत्तियों का मालिकाना हक गलत तरीके से ट्रांसफर किया गया। इस कंपनी में सोनिया गांधी और राहुल गांधी की 76% हिस्सेदारी है।

इससे पहले, दिसंबर 2025 में ट्रायल कोर्ट ने भी ED की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था, यह कहते हुए कि मामला निजी आपराधिक शिकायत पर आधारित है। ED ने इसी फैसले को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, ताकि प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत जांच जारी रहे।

बाजार पर असर?

निवेशकों के लिए यह जानना जरूरी है कि AJL और Young Indian दोनों ही प्राइवेट कंपनियां हैं और शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं हैं। इसलिए इस कानूनी घटनाक्रम का स्टॉक मार्केट पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, हेराल्ड हाउस जैसी हाई-प्रोफाइल संपत्तियों से जुड़े होने के कारण कानूनी और कॉरपोरेट जगत में इस केस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.