PAN Fraud: दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, होटल कुक पर लगा **₹4 करोड़** का टैक्स डिमांड किया रद्द

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
PAN Fraud: दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, होटल कुक पर लगा **₹4 करोड़** का टैक्स डिमांड किया रद्द

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक होटल कुक को बड़ी राहत दी है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने सिर्फ 'ऑटोमेटेड' डेटा के आधार पर उन पर **₹4 करोड़** का टैक्स नोटिस थमा दिया था, जबकि उनके PAN का गलत इस्तेमाल हुआ था।

क्या था पूरा मामला?

एक होटल में काम करने वाले कुक को इनकम टैक्स विभाग की ओर से एक बड़ा झटका तब लगा जब उन्हें ₹4 करोड़ का टैक्स नोटिस मिला। विभाग का दावा था कि उस व्यक्ति ने एक पैकिंग मटेरियल फर्म के जरिए ₹24.62 करोड़ का बिजनेस टर्नओवर किया है। सच्चाई यह थी कि कुक के PAN का गलत इस्तेमाल (Identity Theft) किया गया था।

कोर्ट ने क्यों फटकार लगाई?

दिल्ली हाईकोर्ट ने पाया कि आयकर विभाग ने बिना किसी गहन जांच के सिर्फ 'Form 26AS' में दिख रहे डेटा को ही अंतिम सच मान लिया। कोर्ट ने कहा कि असेसिंग ऑफिसर ने Section 133(6) के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल नहीं किया, जिससे थर्ड पार्टी से जानकारी सत्यापित की जा सकती थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि एक कुक की आय और ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेजों से साफ था कि वह इतने बड़े बिजनेस से जुड़ा नहीं हो सकता।

टैक्सपेयर्स के लिए सबक: अपनी सुरक्षा कैसे करें?

यह मामला हर आम आदमी के लिए एक चेतावनी है। डिजिटल युग में 'ऑटोमेटेड असेसमेंट' के कारण गलत डेटा का शिकार होने का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में:

  • AIS और Form 26AS की नियमित जांच करें: समय-समय पर अपने पैन से जुड़े लेनदेन देखते रहें।
  • तुरंत शिकायत दर्ज करें: यदि आपको अपनी जानकारी में कोई संदिग्ध लेनदेन दिखे, तो तुरंत इनकम टैक्स पोर्टल पर उसे मार्क करें और साइबर सेल को सूचित करें।

कोर्ट ने साफ कर दिया है कि विभाग केवल कंप्यूटर जनित डेटा के भरोसे लोगों को परेशान नहीं कर सकता, जब तक कि उनके पास कोई ठोस सबूत न हो।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.