दिल्ली हाईकोर्ट ने Authum Investment के अधिकारियों अमित और संजय डांगी के खिलाफ जारी लुकआउट सर्कुलर को रद्द कर दिया है। मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के बीच उन्हें मिली इस बड़ी राहत के बाद भी जांच जारी रहेगी।
कानूनी राहत की मुख्य बातें
दिल्ली हाईकोर्ट ने 16 अक्टूबर को सुनाए गए अपने फैसले में Authum Investment and Infrastructure Limited के वरिष्ठ अधिकारियों, अमित और संजय डांगी को बड़ी राहत दी है। जस्टिस मधु जैन ने उन लुकआउट सर्कुलर (Lookout Circulars) को खारिज कर दिया है, जो इन अधिकारियों को विदेश जाने से रोक रहे थे। कोर्ट ने साफ कहा कि केवल जांच चलने के आधार पर किसी के विदेश जाने के अधिकार को अनिश्चितकाल के लिए सीमित नहीं किया जा सकता।
जांच का बैकग्राउंड (Case Context)
यह पूरा मामला 2017 से 2019 के बीच Reliance Commercial Finance Limited और Reliance Home Finance Limited में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है। ऑथम इन्वेस्टमेंट ने 2022 में इन कंपनियों का अधिग्रहण किया था। इसके बाद जुलाई 2025 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी। हालांकि 2022 में CBI की ओर से शुरू की गई धोखाधड़ी और साजिश की जांच में डांगी बंधुओं का नाम आरोपी के रूप में नहीं था।
यात्रा और सहयोग की शर्तें
कोर्ट ने हालांकि यात्रा प्रतिबंध तो हटा दिए हैं, लेकिन यह राहत शर्तों के साथ है। अधिकारियों को जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करना होगा और सभी समन का जवाब समय पर देना होगा। साथ ही, किसी भी विदेशी यात्रा से पहले उन्हें जांच अधिकारी को अपना पूरा यात्रा विवरण, डेस्टिनेशन और कॉन्टैक्ट डिटेल देना अनिवार्य होगा।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
निवेशकों को यह ध्यान में रखना चाहिए कि कोर्ट का यह फैसला केवल ट्रैवल बैन से संबंधित है, न कि पूरे मनी लॉन्ड्रिंग केस का खात्मा। Rouse Avenue की PMLA कोर्ट में सुनवाई अभी जारी है। कंपनी के मैनेजमेंट से जुड़ी कानूनी अनिश्चितताएं गवर्नेंस के लिहाज से अहम हैं, इसलिए निवेशकों को कंपनी की फाइलिंग और कोर्ट के अपडेट्स पर पैनी नजर रखनी चाहिए।
