दिल्ली की एक अदालत ने M3M India और उसके टॉप लीडरशिप के खिलाफ धोखाधड़ी और साजिश के मामले में आपराधिक कार्यवाही को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया है। यह मामला गुरुग्राम में MGF Developments के साथ जमीन विवाद से जुड़ा है।
विवाद की जड़ क्या है?
यह कानूनी लड़ाई गुरुग्राम में जमीन की अदला-बदली (Land Swap) से जुड़ी है। MGF Developments ने शिकायत दर्ज कराई थी कि M3M ने जमीन का सौदा किया, लेकिन तय वित्तीय शर्तों को पूरा नहीं किया। शिकायत के अनुसार, कंपनी द्वारा दिए गए पोस्ट-डेटेड चेक बाउंस हो गए थे, जिसके बाद भी M3M ने जमीन का म्यूटेशन करवाकर डेवलपमेंट लाइसेंस हासिल कर लिए।
अदालत का फैसला
प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट और सेशंस जज अंजू बजाज चंदना ने चीटिंग (Section 420) और आपराधिक साजिश (Section 120B) के तहत ट्रायल जारी रखने का आदेश दिया है। हालांकि, कोर्ट ने Section 406 (क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट) के तहत लगे आरोपों को खारिज कर कंपनी को थोड़ी राहत जरूर दी है।
अगली तारीख और प्रमोटर्स की मुश्किलें
कोर्ट ने कंपनी के लीडर्स - बसंत बंसल, रूप कुमार बंसल और पंकज बंसल को चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने के लिए कहा है। मामले की अगली सुनवाई 27 अक्टूबर 2026 को तय की गई है, जिसमें आरोपों को औपचारिक रूप से तय (Framing of charges) किया जाएगा। कोर्ट ने निचली अदालत को भी इस मामले में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं, क्योंकि ऐसे विवादों का असर अक्सर रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स और निवेशकों के भरोसे पर पड़ता है।
