राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली जल बोर्ड भ्रष्टाचार मामले में आम आदमी पार्टी के नेता सत्येंद्र जैन को जमानत दे दी है। अदालत ने उन्हें **₹2 लाख** का निजी मुचलका भरने का आदेश दिया है। 19 अगस्त, 2026 को उनकी गिरफ्तारी के बाद यह बड़ा कानूनी घटनाक्रम है।
कोर्ट का फैसला और शर्तें
3 सितंबर, 2026 को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सत्येंद्र जैन को जमानत दी है। कोर्ट ने उन्हें अपनी रिहाई सुनिश्चित करने के लिए ₹2 लाख का पर्सनल बॉन्ड और उतनी ही राशि के दो ज़मानती भरने का निर्देश दिया है। ज्ञात हो कि एंटी-करप्शन ब्रांच द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद से ही वे 19 अगस्त, 2026 से न्यायिक हिरासत में थे।
टेंडर में धांधली का आरोप
यह कानूनी मामला दिल्ली जल बोर्ड में हुए कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा है। जांच एजेंसियां सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के टेंडर प्रोसेस में गड़बड़ी की जांच कर रही हैं। एंटी-करप्शन ब्रांच का आरोप है कि टेंडर की शर्तों में हेरफेर करके निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया, जिससे सरकारी खजाने को करीब ₹123 करोड़ का नुकसान हुआ। इस मामले में 'यूरोटेक एनवायर्नमेंटल प्राइवेट लिमिटेड' (Euroteck Environmental Private Limited) का नाम सामने आया है।
जांच का दायरा काफी बड़ा है, जिसमें जल बोर्ड के पूर्व सीईओ उदित प्रकाश राय का नाम भी शामिल है। हालांकि सत्येंद्र जैन और उनकी कानूनी टीम ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है और इसे राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया है।
निवेशकों के लिए क्या है अपडेट?
शेयर बाजार के नजरिए से देखें तो यह पूरा मामला सरकारी विभागों और अनलिस्टेड निजी कंपनियों तक सीमित है। इसका NSE या BSE पर लिस्टेड किसी भी इंफ्रास्ट्रक्चर या यूटिलिटी शेयर पर कोई सीधा प्रभाव नहीं पड़ेगा। फिलहाल यह पूरी तरह से एक कानूनी और प्रशासनिक मामला है, जिस पर आगे की सुनवाई कोर्ट में जारी रहेगी।
