दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने म्यांमार आर्म्स केस में आरोपी अमेरिकी नागरिक Matthew Aaron VanDyke को जमानत के बाद अमेरिका वापस जाने की इजाजत दे दी है। वह 6 अन्य यूक्रेनी नागरिकों के साथ NIA की जांच के घेरे में है।
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए अमेरिकी नागरिक Matthew Aaron VanDyke को वापस अमेरिका जाने की मंजूरी दे दी है। यह फैसला 18 सितंबर को मिली डिफॉल्ट बेल और 24 सितंबर को तिहाड़ जेल से रिहाई के बाद आया है। बता दें कि वैनडाइक उन 7 लोगों में शामिल है, जो नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की जांच का सामना कर रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
जांच एजेंसियों के मुताबिक, मार्च 2026 में इस ग्रुप को पकड़ा गया था। आरोप है कि ये लोग मिजोरम के रास्ते म्यांमार में दाखिल हुए थे और वहां के एथनिक आर्म्ड ग्रुप्स को ड्रोन ऑपरेशंस, हथियारों की असेंबली और जैमिंग टेक्नोलॉजी जैसी घातक ट्रेनिंग दे रहे थे।
कानूनी दांवपेच और विवाद
इस केस को लेकर सियासत और कानूनी गलियारों में बहस छिड़ी हुई है। सरकार ने इस मामले में 'Unlawful Activities Prevention Act' (UAPA) के बजाय सिर्फ 'Immigration and Foreigners Act' के तहत केस दर्ज किया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सरकार का यह नरम रुख अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक दबाव का परिणाम हो सकता है, जो जांच की गंभीरता पर सवाल उठाता है। हालांकि, NIA ने स्पष्ट किया है कि टेरर एंगल को लेकर उनकी जांच अभी भी जारी है, लेकिन कोर्ट द्वारा विदेशी आरोपी को देश छोड़ने की अनुमति देने से सरकारी जांच की प्रक्रिया पर अब नई चर्चा शुरू हो गई है।
