डेलावेयर की एक अमेरिकी अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि X Corp ने संभवतः 'Tweet' शब्द और अपने पुराने 'Bird Logo' के ट्रेडमार्क अधिकार छोड़ दिए हैं। हालांकि, 'Twitter' ब्रांड नाम अभी भी सुरक्षित है। इस फैसले ने स्टार्टअप 'Operation Bluebird' के लिए पुरानी ब्रांडिंग का उपयोग करने का कानूनी रास्ता खोल दिया है।
कानूनी दांव-पेच और ट्रेडमार्क का पेंच
डेलावेयर की डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने X Corp और स्टार्टअप 'Operation Bluebird' के बीच चल रहे इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी विवाद में एक अहम प्रारंभिक फैसला सुनाया है। अदालत ने माना कि एलन मस्क द्वारा अधिग्रहण के बाद X ने अपनी पुरानी ब्रांड पहचान जैसे कि 'Tweet' शब्द और प्रतिष्ठित चिड़िया वाले लोगो का इस्तेमाल बंद कर दिया है, जिसे कानूनी भाषा में 'ट्रेडमार्क अबैंडनमेंट' (Abandonment) माना जा सकता है। हालांकि, कोर्ट ने 'Twitter' नाम को सुरक्षा प्रदान की है, जिससे स्टार्टअप इस शब्द का उपयोग नहीं कर पाएगा।
पुरानी विरासत से मुनाफा कमाने की कोशिश
'Operation Bluebird' का नेतृत्व ट्विटर के पूर्व कर्मचारी कर रहे हैं। यह स्टार्टअप एक अनूठी बिजनेस स्ट्रैटेजी पर काम कर रहा है, जिसके तहत वे उन ब्रांड एसेट्स को हथियाने की कोशिश कर रहे हैं जिन्हें बड़ी कंपनियों ने अपने रिब्रांडिंग के दौरान फेंक दिया है। स्टार्टअप ने 'Tweet.app' लॉन्च किया है, जो पुराने प्लेटफॉर्म की यादों को भुनाने का प्रयास कर रहा है।
भविष्य के लिए सबक
यह केस उन बिजनेस मैनेजर्स के लिए एक बड़ी सीख है जो अपनी ब्रांडिंग में तेजी से बदलाव करते हैं। एलन मस्क की कंपनी के लिए यह आर्थिक तौर पर कोई बड़ा झटका नहीं है, लेकिन उनके इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी पोर्टफोलियो का दायरा जरूर छोटा हो गया है। अब देखना यह है कि क्या सिर्फ पुरानी ब्रांडिंग के दम पर यह स्टार्टअप मुख्यधारा की सोशल मीडिया कंपनियों को टक्कर दे पाएगा या यह सिर्फ एक अल्पकालिक चर्चा का विषय बनकर रह जाएगा।
