भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) Surya Kant ने चुनाव अखंडता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए INDIA ब्लॉक के नेताओं की मुलाकात की अपील को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि चूंकि मामला न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है, इसलिए प्रशासनिक बैठक अनुचित है।
मुलाकात की मांग क्यों हुई खारिज?
मुख्य न्यायाधीश (CJI) Surya Kant ने विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक के उस अनुरोध को आधिकारिक रूप से ठुकरा दिया है, जिसमें उन्होंने 12 अक्टूबर, 2026 को मुलाकात का समय मांगा था। विपक्षी नेताओं का समूह चुनावी प्रक्रिया, विशेष रूप से 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न' और मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar के इस्तीफे जैसे मुद्दों पर एक ज्ञापन सौंपना चाहता था।
INDIA ब्लॉक की योजना सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने और अदालत परिसर को अपने विरोध के मंच के रूप में उपयोग करने की थी।
'सब जुडिस' (Sub Judice) का हवाला
CJI के कार्यालय ने स्पष्ट किया कि विपक्षी गठबंधन द्वारा उठाए गए मुद्दे पहले से ही न्यायपालिका के समक्ष लंबित हैं। कानूनी शब्दावली में इसे 'सब जुडिस' कहा जाता है, जिसका अर्थ है कि मामला सक्रिय कानूनी विचार-विमर्श के तहत है। इसी कारण अदालत ने माना कि प्रशासनिक बैठक करना पूरी तरह से अनुचित होगा।
अदालत ने सख्त लहजे में कहा कि सुप्रीम कोर्ट एक ऐसा संस्थान है जो कड़े कानूनी प्रोटोकॉल से चलता है, और इसे राजनीतिक वार्ताओं या प्रशासनिक बैठकों के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।
न्यायिक मर्यादा सर्वोपरि
यह निर्णय शक्ति के पृथक्करण (Separation of Powers) को फिर से परिभाषित करता है। न्यायपालिका ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शिकायतों का निपटारा केवल औपचारिक याचिकाओं और कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से ही किया जा सकता है, न कि अनौपचारिक बैठकों से। अब गठबंधन के नेताओं के पास एकमात्र विकल्प बचा है कि वे कोर्ट की सलाह के अनुसार अपनी चिंताओं को औपचारिक कानूनी याचिकाओं के जरिए रखें।
