तमिलनाडु के पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री Anbil Mahesh के तिरुचिरापल्ली स्थित आवास पर सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) ने छापेमारी की है। यह कार्रवाई सरकारी स्कूलों को मान्यता दिलाने के नाम पर हुए **₹100 करोड़** के कथित रिश्वत घोटाले की जांच का हिस्सा है।
सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) ने 16 सितंबर, 2026 को अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए तमिलनाडु के पूर्व शिक्षा मंत्री Anbil Mahesh के आवास पर छापेमारी की। यह जांच उस गिरोह के खिलाफ है, जो निजी स्कूलों को सरकारी अप्रूवल और ग्रेड अपग्रेड दिलाने के बदले मोटी रकम वसूलते थे।\n\n### क्या है पूरा मामला?\n\nजांच के मुताबिक, 'Private Schools Association' नाम की एक गैर-पंजीकृत संस्था बिचौलिए का काम करती थी। इन्होंने स्कूल मैनेजमेंट से परमानेंट मान्यता दिलाने का वादा करके करोड़ों रुपये ऐंठे। इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब जून 2026 में DMK नेता BT Arasakumar को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास से जांच एजेंसियों को इस सुनियोजित घूसखोरी के पुख्ता सबूत मिले।\n\n### प्रशासन पर उठे सवाल\n\nयह मामला सीधे तौर पर राजनीतिक प्रभाव के जरिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को दरकिनार करने की ओर इशारा करता है। CCB की टीम अब उन तमाम फाइलों और संपर्कों को खंगाल रही है, जिसके जरिए शिक्षा विभाग में यह अवैध खेल चल रहा था। जांच एजेंसियों का फोकस दिसंबर 2024 में हुए उस एसोसिएशन के लॉन्च इवेंट पर भी है, जिसमें कई बड़े नेताओं की शिरकत संदिग्ध मानी जा रही है।\n\nफिलहाल, सरकार पर इस पूरे घटनाक्रम में पारदर्शिता लाने का भारी दबाव है। अब सबकी नजरें छापेमारी में जब्त किए गए दस्तावेजों के फॉरेंसिक ऑडिट और आने वाले कानूनी नतीजों पर टिकी हैं, जो भविष्य में इस मामले की दिशा तय करेंगे।
