CBI ने बिल्डर-बैंकर गठजोड़ मामले में 3 शहरों में **12** ठिकानों पर छापेमारी की है। Ajnara India की चार्जशीट में ICICI Bank, HDFC Bank समेत कई बैंकों के अधिकारियों का नाम आने से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
छापेमारी का दायरा बढ़ा
10 सितंबर 2026 को CBI ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए बेंगलुरु, मुंबई और पुणे में 12 अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई बिल्डर-बैंकर नेक्सस मामले में दर्ज 5 नए केसों का हिस्सा है, जिसके बाद कुल जांचों की संख्या 55 तक पहुंच गई है। इनमें से 4 मामले Ozone Group से जुड़े हैं, जबकि 5वां मामला Vivansaa Baalsam के प्रोजेक्ट से संबंधित है। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद फंड डायवर्जन के सबूत जुटाने के लिए की गई है।
बैंक अधिकारियों पर संकट
CBI ने Ajnara India Limited के खिलाफ अपनी 20वीं चार्जशीट दायर की है, जो फाइनेंशियल सेक्टर के लिए एक बड़ा झटका है। इस फाइलिंग में 15 सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के नाम शामिल हैं, जो ICICI Bank Limited, HDFC Bank Limited, PNB Housing Finance Limited और Sammaan Capital Limited से जुड़े हैं। आरोप है कि ये सभी नोएडा के 'अज्रारा एम्ब्रोसिया' (Ajnara Ambrosia) प्रोजेक्ट में आपराधिक साजिश और कदाचार में लिप्त थे।
निवेशकों के लिए क्या हैं जोखिम?
शेयरधारकों के लिए मुख्य चिंता 'गवर्नेंस रिस्क' (Governance Risk) की है। हालांकि अभी बैंकों पर सीधे वित्तीय असर का आकलन करना मुश्किल है, लेकिन इस तरह की जांच से रियल एस्टेट सेक्टर में लेंडिंग प्रोसेस और क्रेडिट असेसमेंट पर रेगुलेटरी सख्ती बढ़ सकती है। यदि इंटरनल कंट्रोल में खामी साबित होती है, तो बैंकों की साख पर बुरा असर पड़ सकता है और भारी पेनल्टी लग सकती है। CBI अभी जब्त किए गए दस्तावेजों की जांच कर रही है, जिसके बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
