CBI ने महादेव बेटिंग ऐप सिंडिकेट से जुड़े बड़े नाम अभिषेक कुमार को हैदराबाद एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया है। दुबई से आते ही हुई यह गिरफ्तारी अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क के खिलाफ चल रही जांच में एक बड़ा टर्निंग पॉइंट मानी जा रही है।
अवैध कारोबार पर शिकंजा
CBI ने अभिषेक कुमार को हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से हिरासत में लिया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि कुमार महादेव बेटिंग सिंडिकेट में 'बैटिंग पैनल' चलाने और हवाला के जरिए अवैध फंड को मैनेज करने का मुख्य किरदार था। वह इस काले धन को विदेशों में रियल एस्टेट में निवेश करने का काम करता था।
जांच का दायरा बढ़ा
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 13 केस CBI को सौंपने के बाद जांच की रफ्तार काफी तेज हो गई है। वर्तमान में, एजेंसी ने करीब 100 लोगों को आरोपी बनाया है, जिनमें प्रमोटर्स, हवाला ऑपरेटर्स और कुछ सरकारी अधिकारी भी शामिल हैं। फिलहाल अभिषेक कुमार को 3 दिन की ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर भेजा गया है, जहाँ आगे की पूछताछ की जाएगी।
फिनटेक सेक्टर पर असर
हालांकि महादेव बेटिंग ऐप कोई लिस्टेड कंपनी नहीं है, लेकिन CBI और ED की इस सख्त कार्रवाई से डिजिटल पेमेंट गेटवे और ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर रेगुलेटरी दबाव बढ़ना तय है। फिनटेक जगत के जानकारों का मानना है कि अब डिजिटल ट्रांजैक्शंस की निगरानी और कड़ी हो सकती है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खोज
CBI इस मामले में Interpol के जरिए 7 रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर चुकी है। एजेंसी का मुख्य मकसद विदेशों में छिपे हुए प्रमोटर्स और बाकी भगोड़ों को प्रत्यर्पित (Extradite) कराना है। रायपुर में चल रही कानूनी कार्यवाही इस मामले की अगली अहम कड़ी है, जिस पर सुरक्षा एजेंसियों और निवेशकों की भी नजर बनी हुई है।
