Maharashtra Security Law: चुनौती देने वालों को Bombay HC की दो टूक, 22 अक्टूबर तक का दिया समय

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AuthorNeha Patil|Published at:
Maharashtra Security Law: चुनौती देने वालों को Bombay HC की दो टूक, 22 अक्टूबर तक का दिया समय

Bombay High Court ने महाराष्ट्र के पब्लिक सिक्योरिटी लॉ को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ताओं (कांग्रेस और AITUC सहित) को अपनी कानूनी मान्यता साबित करने के लिए **22 अक्टूबर** की समय सीमा तय की है। कोर्ट ने सुनवाई को फिलहाल रोक दिया है ताकि पहले याचिकाकर्ताओं की कानूनी वैधता की जांच की जा सके।

कानूनी प्रक्रिया पर लगी रोक

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र के नए सुरक्षा कानून के खिलाफ चल रही कानूनी जंग में एक 'प्रोसीजरल पॉज' (प्रक्रियात्मक विराम) लगा दिया है। चीफ जस्टिस MC त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की बेंच ने साफ कर दिया है कि जब तक याचिकाकर्ता अपनी कानूनी स्थिति स्पष्ट नहीं करते, तब तक मामले की मेरिट पर कोई सुनवाई नहीं होगी। इसके लिए कांग्रेस पार्टी, AITUC और PUCL जैसी संस्थाओं को 22 अक्टूबर तक अपने रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और गवर्निंग कॉन्स्टिट्यूशन पेश करने होंगे।

सरकार का क्या है पक्ष?

राज्य सरकार ने इन याचिकाओं को चुनौती देते हुए कहा है कि ये केवल एक 'अकादमिक एक्सरसाइज' है। सरकार का तर्क है कि यह कानून पब्लिक ऑर्डर के लिए बेहद जरूरी है और देश में सबसे ज्यादा 64 माओवादी फ्रंट ऑर्गेनाइजेशन की मौजूदगी को देखते हुए इसे लाया गया है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कानून दिसंबर 2025 में राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद लागू हुआ था और इसमें 15,000 से अधिक आपत्तियों पर विचार किया गया था।

केंद्रीय फंड और सुरक्षा का कनेक्शन

इस मामले में एक महत्वपूर्ण पहलू केंद्रीय गृह मंत्रालय की 'Security Related Expenditure' (SRE) स्कीम है। महाराष्ट्र सरकार का दावा है कि इस कानून का पालन करना, इस केंद्रीय योजना का लाभ उठाने और फेडरल फंडिंग हासिल करने के लिए अनिवार्य है।

निवेशकों के लिए क्यों है जरूरी?

महाराष्ट्र में कारोबार करने वाली कंपनियों और निवेशकों के लिए यह केस काफी अहम है। कानून के दायरे में आने वाले एसेट अटैचमेंट और प्रशासनिक अधिकार, राज्य के रेगुलेटरी माहौल को प्रभावित कर सकते हैं। फिलहाल मामला प्रक्रियात्मक है, लेकिन भविष्य में कोर्ट का फैसला राज्य के प्रशासनिक अधिकारों और कंपनियों के लिए रेगुलेटरी बाउंड्री तय करने में बड़ी भूमिका निभाएगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.