बॉम्बे हाई कोर्ट ने दिसंबर 2025 में हुए भीषण अग्निकांड के पीड़ितों के लिए कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने 'Birch by Romeo Lane' नाइटक्लब के मालिकों को हर पीड़ित परिवार को **₹20 लाख** अंतरिम मुआवजा जमा करने का आदेश दिया है।
कानूनी शिकंजा और मुआवजा
बॉम्बे हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच, जिसमें जस्टिस वाल्मीकि मेनेजेस और जस्टिस अमित जामसांडेकर शामिल हैं, ने क्लब के मालिक सौरभ और गौरव लूथरा को यह निर्देश दिया है। दिसंबर 2025 में गोवा के अरपोरा में स्थित इस क्लब में लगी आग में 25 लोगों की मौत हो गई थी और 50 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी
जांच में सामने आया कि नाइटक्लब के पास वैध फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट नहीं थे और वहां भारी स्ट्रक्चरल अनियमितताएं थीं। इस घटना के बाद गोवा में नाइटलाइफ़ वेन्यूज़ के खिलाफ सुरक्षा नियमों को लेकर एक बड़ा 'क्रैकडाउन' शुरू हुआ था। फिलहाल, दोनों आरोपी मालिक कोल्वाले सेंट्रल जेल में बंद हैं, जिनकी जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट पहले ही खारिज कर चुका है।
बिजनेस के लिए बड़ा सबक
यह केस हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए एक चेतावनी है। मुआवजे की इस राशि के अलावा, पीड़ितों के परिवार प्रति व्यक्ति ₹50 लाख तक के हर्जाने की मांग कर रहे हैं। भविष्य में ऐसी किसी भी लापरवाही का अंजाम परमानेंट क्लोजर और संपत्ति की कुर्की जैसे बड़े वित्तीय जोखिमों के रूप में सामने आ सकता है।
अगली सुनवाई 21 अक्टूबर 2026 को तय की गई है, जिसमें मुआवजे के भुगतान की प्रक्रिया और कानूनी दावों को व्यवस्थित करने पर विचार किया जाएगा।
