Bombay High Court ने Maharashtra FDA को Mumbai Cricket Association (MCA) के BKC कॉम्प्लेक्स में मौजूद 5 ईटरीज से निलंबन (suspension) हटाने का निर्देश दिया है। कोर्ट द्वारा कराए गए इंस्पेक्शन में इन रेस्टोरेंट्स ने **88%** फूड सेफ्टी नियमों का पालन किया है, जिसके बाद इन्हें तुरंत खोलने की इजाजत मिल गई है।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी
बॉम्बे हाई कोर्ट की बेंच, जिसमें एक्टिंग चीफ जस्टिस रविंद्र घुगे और जस्टिस गौतम अंकड़ शामिल थे, ने FDA के कामकाज के तरीके पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने सवाल उठाया कि क्या छोटी-मोटी खामियों के लिए सीधे संस्थानों को बंद कर देना सही तरीका है? कोर्ट ने कहा कि प्रशासन को जरूरत से ज्यादा सख्ती बरतने के बजाय सुधार पर जोर देना चाहिए।
इंस्पेक्शन में हुआ खुलासा
कोर्ट के निर्देश पर 27 अगस्त 2026 को एक स्वतंत्र इंस्पेक्शन कराया गया। इसमें 'परमिट रूम', 'पैविलियन', 'मेडिटेरेनियन', 'ओरिएंटल स्विंग' और 'क्लबवे एंड पेस्ट्री काउंटर' जैसे आउटलेट्स ने फूड सेफ्टी प्रोटोकॉल में 88% का अनुपालन (compliance) दिखाया। इस रिपोर्ट से संतुष्ट होकर अदालत ने इन ईटरीज को तुरंत काम शुरू करने की अनुमति दे दी।
लाइसेंसिंग का विवाद अभी जारी
हालांकि फूड सेफ्टी का संकट टल गया है, लेकिन एडमिनिस्ट्रेटिव और लाइसेंसिंग विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है। FDA ने इस कॉम्प्लेक्स के फूड ऑपरेशंस संभालने वाली थर्ड-पार्टी ऑपरेटर 'M/s Shirke Infrastructure' के काम में कुछ विसंगतियां पाई थीं। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन इन संविदात्मक (contractual) मामलों की जांच जारी रख सकता है, लेकिन इसे सुरक्षा संबंधी संचालन से अलग रखा जाएगा।
महाराष्ट्र में बढ़ी सख्ती
यह कार्रवाई महाराष्ट्र FDA के उस बड़े अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत पूरे राज्य में फूड सेफ्टी मानकों को कड़ा किया जा रहा है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, प्रशासन ने 25 अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की है, 33 नोटिस जारी किए गए हैं और 11 संस्थाओं के लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं। यह मामला उन तमाम फूड और हॉस्पिटैलिटी बिजनेस के लिए एक बड़ा सबक है जिन्हें अब डॉक्यूमेंटेशन और हाइजीन के कड़े नियमों का पालन करना होगा।
