बरेली में एक पंचायत पर गंभीर आपराधिक मामले में हस्तक्षेप करने का आरोप लगा है। पंचायत ने पीड़िता के परिवार पर आरोपी से शादी करने का दबाव बनाया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और आरोपी को कस्टडी में ले लिया गया है।
उत्तर प्रदेश के बरेली में एक पंचायत द्वारा कानून हाथ में लेने का मामला सामने आया है। यहाँ एक 16 वर्षीय पीड़िता के परिवार को पंचायत की ओर से एक गंभीर मामले में समझौता करने और आरोपी के साथ शादी करने का दबाव बनाया गया था।
पुलिस की कार्रवाई
शीशगढ़ पुलिस स्टेशन में दर्ज इस मामले में पुलिस अधिकारी अरुण कुमार सिंह ने पुष्टि की है कि आरोपी को कस्टडी में ले लिया गया है। पुलिस साफ कर चुकी है कि कानूनी जांच अपनी जगह जारी है और पंचायत के किसी भी गैर-कानूनी दबाव का इस पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
क्या कहता है कानून?
भारतीय कानून के तहत, किसी भी पंचायत को गंभीर आपराधिक मामलों में हस्तक्षेप या समझौता कराने का कोई अधिकार नहीं है। यौन शोषण जैसे अपराध पूरी तरह से न्यायिक प्रणाली के अधीन हैं। स्थानीय प्रशासन अब उन प्रभावशाली लोगों और पंचायत के बुजुर्गों की भूमिका की समीक्षा कर रहा है, जिन्होंने कानून को दरकिनार कर परिवारों पर दबाव बनाया था।
फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की परतें खोल रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि न्याय व्यवस्था में कोई बाहरी दखल न हो।
