पंजाब में कथित कस्टोडियल टॉर्चर को लेकर BJP राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (NHRC) में शिकायत दर्ज कराई है। यह मामला मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यक्रम में एक प्रदर्शनकारी द्वारा काला झंडा दिखाने के बाद हुई गिरफ्तारी से जुड़ा है।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने पंजाब में हिरासत के दौरान गंभीर शारीरिक प्रताड़ना के आरोपों को लेकर नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (NHRC) का दरवाजा खटखटाया है। मामला 2 सितंबर, 2026 का है, जब सुनाम विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री भगवंत मान के एक कार्यक्रम के दौरान मोहनजीत सिंह नाम के व्यक्ति ने विरोध स्वरूप काला झंडा दिखाया था।
गंभीर आरोप और बदसलूकी
शिकायत में दावा किया गया है कि हिरासत के दौरान प्रदर्शनकारी के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। आरोपों के मुताबिक, उसे शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया, शरीर पर ब्लेड से घाव किए गए और उन पर नमक छिड़का गया। यही नहीं, उसे इलेक्ट्रिक शॉक देने जैसी गंभीर बातें भी सामने आई हैं। याचिका में यह भी दावा है कि इन कृत्यों को कथित तौर पर लाइव वीडियो कॉल के जरिए मुख्यमंत्री के सामने अंजाम दिया गया।
राजनीतिक हलचल और सवाल
इस घटना ने पंजाब की राजनीति में उबाल ला दिया है। तरुण चुघ ने इसे व्यवस्था की विफलता बताते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) के नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवाल से स्पष्टीकरण की मांग की है। उन्होंने कहा है कि विपक्षी आवाजों को दबाने के लिए राज्य मशीनरी का इस्तेमाल करना लोकतंत्र के लिए खतरा है।
फिलहाल, पंजाब सरकार या स्थानीय पुलिस ने इन विशिष्ट आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। अब निवेशकों और आम जनता की नजरें NHRC के रुख पर टिकी हैं, क्योंकि इस मामले में किसी भी तरह की जांच राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति और प्रशासनिक स्थिरता पर बड़ा असर डाल सकती है।
