AstraZeneca Share: कंपनी को मिली बड़ी कानूनी राहत, ₹151 करोड़ की रिकवरी पर HC की रोक

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AuthorMehul Desai|Published at:
AstraZeneca Share: कंपनी को मिली बड़ी कानूनी राहत, ₹151 करोड़ की रिकवरी पर HC की रोक

AstraZeneca Pharma India को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) द्वारा जारी किए गए **₹151.2 करोड़** के रिकवरी नोटिस पर फिलहाल रोक लगा दी है।

मामला क्या है?

विवाद मुख्य रूप से कंपनी के Symbicort Turbuhaler इनहेलर की कीमतों को लेकर है। NPPA का आरोप है कि कंपनी ने 2016 से 2025 के बीच इस दवा को 'ड्रग्स (प्राइसेस कंट्रोल) ऑर्डर, 2013' के तहत तय सीमा से अधिक कीमतों पर बेचा है। वहीं, AstraZeneca का दावा है कि उनका 160/4.5 फॉर्मूलेशन इन नियमों के दायरे में नहीं आता है और यह प्रोडक्ट इन रेगुलेशंस से मुक्त है।

अगली सुनवाई कब?

दिल्ली हाईकोर्ट ने फिलहाल इस रिकवरी नोटिस पर स्टे लगा दिया है, जो 11 जनवरी, 2027 को होने वाली अगली सुनवाई तक प्रभावी रहेगा। कंपनी ने 2 नवंबर, 2026 को शेयर बाजार को सूचित किया कि कोर्ट ने 29 अक्टूबर को यह आदेश पारित किया था।

निवेशकों के लिए क्यों जरूरी?

यह कंपनी के लिए कुछ ही महीनों में दूसरा बड़ा कानूनी मामला है। इससे पहले अगस्त 2026 में भी कोर्ट ने Betaloc-50 से जुड़े एक मामले में कंपनी को राहत देते हुए रिकवरी पर रोक लगाई थी, हालांकि तब कोर्ट ने 15% राशि जमा करने की शर्त रखी थी। फार्मा सेक्टर में रेगुलेटरी दबाव और प्राइसिंग विवाद निवेशकों के लिए एक बड़ा 'अनिश्चितता' का कारण बनते हैं। अगर कोर्ट का अंतिम फैसला कंपनी के पक्ष में रहता है, तो यह वित्तीय जोखिम पूरी तरह खत्म हो जाएगा, अन्यथा कंपनी पर भारी वित्तीय बोझ पड़ सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.