Assam NRC से बाहर हुए **19 लाख** लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। सेंट्रल गवर्नमेंट ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि डेटा सिक्योरिटी प्रोटोकॉल और फाइनल लिस्ट की नोटिफिकेशन न होने की वजह से रिजेक्शन स्लिप (Rejection Slips) जारी करने की प्रक्रिया फिलहाल रुकी हुई है।
असम के नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) से बाहर किए गए 19 लाख लोगों को अभी अपनी कानूनी लड़ाई शुरू करने के लिए और इंतजार करना होगा। रिजेक्शन स्लिप जारी करने की प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि एडमिनिस्ट्रेटिव अड़चनों के कारण यह काम ठप पड़ा है।
क्यों रुकी है प्रक्रिया?
रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (RGI) को नोटिफिकेशन जारी करने के लिए स्टेट NRC कोऑर्डिनेटर से आवेदकों के पूरे डेटाबेस की जरूरत है। मुख्य समस्या डेटा सिक्योरिटी की है। आवेदकों की संवेदनशील निजी जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए एक मजबूत फ्रेमवर्क तैयार किया जा रहा है। जब तक यह सिस्टम पूरी तरह काम नहीं करने लगता, तब तक डेटा ट्रांसफर संभव नहीं है, और बिना डेटा ट्रांसफर के RGI इस मामले में आगे नहीं बढ़ पा रही है।
कानूनी दांव-पेंच और भविष्य
इन रिजेक्शन स्लिप्स के बिना, लिस्ट से बाहर हुए लोग 'फॉरेनर्स ट्राइब्यूनल्स' (Foreigners Tribunals) में अपील दाखिल नहीं कर पा रहे हैं। इस प्रशासनिक देरी ने लाखों लोगों को एक तरह के असमंजस में डाल दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अब इस मामले की अगली सुनवाई 6 नवंबर, 2026 के लिए तय की है, जिससे राज्य सरकार को सुरक्षा ढांचा तैयार करने और पेंडिंग काम को निपटाने के लिए समय मिल गया है।
पुरानी चुनौतियां
NRC का यह पूरा प्रोजेक्ट लंबे समय से विवादों और तकनीकी चुनौतियों से घिरा रहा है। पहले भी Comptroller and Auditor General (CAG) ने वेंडर पेमेंट और सिस्टम सिक्योरिटी को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे। अब सरकार की प्राथमिकता डेटा प्राइवेसी और प्रशासनिक दक्षता के बीच संतुलन बनाने की है, ताकि भविष्य में कानूनी अपील की प्रक्रिया को सुचारू रूप से शुरू किया जा सके।
