Alphabet एक बार फिर कानूनी घेरे में है। UK के Competition Appeal Tribunal में Google Play Store की **30%** कमीशन पॉलिसी को लेकर **£1 बिलियन** का क्लास-एक्शन मुकदमा दर्ज किया गया है, जो **2 करोड़** यूजर्स को प्रभावित करता है।
भारी हर्जाने की मांग
UK के Competition Appeal Tribunal में शुरू हुई यह कानूनी जंग Alphabet के लिए बड़ी मुसीबत बन सकती है। आरोप है कि Google ने मार्केट में अपनी डोमिनेंस का गलत फायदा उठाते हुए ऐप डेवलपर्स से 30% तक का भारी कमीशन वसूला। कंज्यूमर एडवोकेट लिज़ कोल के नेतृत्व में, यह मुकदमा उन 2 करोड़ UK यूजर्स का प्रतिनिधित्व कर रहा है, जिन्होंने कथित तौर पर इस 'अनफेयर' फीस पॉलिसी के कारण ऐप्स और सब्सक्रिप्शन के लिए अधिक कीमत चुकाई है।
दावों का आधार
यह केस अक्टूबर 2015 से जुलाई 2026 के बीच की खरीदारी को कवर करता है। शिकायतकर्ताओं का तर्क है कि Google के Android इकोसिस्टम के कड़े नियंत्रण के कारण डेवलपर्स को अपना मार्जिन बनाए रखने के लिए कीमतों में बढ़ोतरी करनी पड़ी, जिसका सीधा बोझ ग्राहकों पर पड़ा। उधर, Alphabet ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि वह Apple App Store और अन्य प्लेटफॉर्म्स के साथ पूरी प्रतिस्पर्धा में है और यह फीस सुरक्षा और क्वालिटी सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य है।
निवेशकों के लिए चिंता का विषय
इन्वेस्टर्स के लिए यह मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि Google पहले ही अगस्त 2026 में ऐप डेवलपर्स के साथ £260 मिलियन का सेटलमेंट कर चुका है। Play Store कंपनी के 'सर्विसेज रिवेन्यू' का एक प्रमुख हिस्सा है। यदि यह मामला कंपनी के खिलाफ जाता है, तो न केवल £1 बिलियन का वित्तीय नुकसान हो सकता है, बल्कि भविष्य के रिवेन्यू मॉडल पर भी रेगुलेटरी दबाव बढ़ेगा। Apple और Sony जैसे दिग्गजों के खिलाफ चल रहे इसी तरह के एंटी-ट्रस्ट केसों के बीच, यह मुद्दा कंपनी की लॉन्ग-टर्म रणनीति के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
