Saharanpur Mosque Case: इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ी राहत, ₹6 करोड़ की रिकवरी पर लगी रोक

LAWCOURT
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
Saharanpur Mosque Case: इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ी राहत, ₹6 करोड़ की रिकवरी पर लगी रोक

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सहारनपुर की मस्जिद के मामले में मस्जिद प्रबंधन पर लगाए गए **₹6 करोड़** के जुर्माने की वसूली पर फिलहाल रोक लगा दी है। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से इस विध्वंस पर जवाब मांगा है और अगली सुनवाई **12 अक्टूबर, 2026** के लिए तय की है।

सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद के विध्वंस को लेकर चल रहे कानूनी विवाद में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बड़ा हस्तक्षेप किया है। जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की बेंच ने मस्जिद प्रबंधन पर लगाए गए ₹6 करोड़ के जुर्माने की वसूली पर स्टे लगा दिया है। कोर्ट का यह निर्देश विध्वंस से जुड़ी वित्तीय दंड प्रक्रिया पर फिलहाल एक अस्थायी विराम है।

विवाद की पृष्ठभूमि

यह ढांचा 5 सितंबर, 2026 को ध्वस्त किया गया था। यह कार्रवाई सहारनपुर सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा 16 जुलाई, 2026 को जारी किए गए बेदखली आदेश के बाद हुई थी, जिसे बाद में 2 सितंबर, 2026 को जिला न्यायाधीश ने बरकरार रखा था। इस मामले में याचिका एडवोकेट मोहम्मद तनवीर अहमद द्वारा दायर की गई है, जिसमें विध्वंस प्रक्रिया और 'उत्तर प्रदेश लोक परिसर (अनधिकृत अधिभोगियों की बेदखली) अधिनियम, 1971' के तहत लगाए गए जुर्माने की वैधता को चुनौती दी गई है।

कानूनी तर्क और स्थिति

विवाद का मुख्य केंद्र 315 वर्ग मीटर की वह जमीन है जहां मस्जिद स्थित थी। याचिकाकर्ता का दावा है कि जमीन का मालिकाना हक कभी स्पष्ट रूप से तय नहीं हुआ था और ऐतिहासिक रिकॉर्ड बताते हैं कि यह निजी स्वामित्व में हो सकती थी। इसके विपरीत, उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि यह जमीन औपनिवेशिक काल से ही राज्य के अधीन है। राज्य का तर्क है कि यह प्रॉपर्टी कलेक्ट्रेट कचहरी का हिस्सा है और वक्फ बोर्ड का दावा निराधार है।

आगे की कानूनी प्रक्रिया

हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद, उत्तर प्रदेश सरकार को तीन सप्ताह के भीतर अपना जवाबी हलफनामा दाखिल करना होगा। अगली सुनवाई के लिए 12 अक्टूबर, 2026 की तारीख मुकर्रर की गई है। इस सुनवाई के दौरान सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले तथ्य इस पूरे विवाद और जुर्माने के भविष्य को तय करेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.