US नागरिक और एक्टर Imran Khan ने Foreigners Regional Registration Office (FRRO) द्वारा जारी 'Leave India' नोटिस के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। यह नोटिस मुंबई में एक राजनीतिक विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद दिया गया था, जिसने OCI कार्डधारकों के अधिकारों पर कानूनी बहस छेड़ दी है।
एक्टर Imran Khan, जो अमेरिका के नागरिक हैं और OCI (Overseas Citizen of India) कार्डधारक हैं, उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की है। इस नोटिस में उन्हें 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने का आदेश दिया गया है। यह प्रशासनिक कार्रवाई भारतीय जनता पार्टी के एक प्रतिनिधि द्वारा मुंबई में चीफ इलेक्शन कमिश्नर के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन में एक्टर की मौजूदगी को लेकर की गई शिकायत के बाद शुरू हुई।
OCI कार्डधारकों की स्थिति
यह मामला भारत में OCI कार्डधारकों की कानूनी स्थिति पर नए सवाल खड़े करता है। हालांकि, OCI प्रोग्राम भारतीय मूल के लोगों को लंबी अवधि के वीजा और संपत्ति व शिक्षा जैसे क्षेत्रों में NRI के बराबर अधिकार देता है, लेकिन यह पूर्ण नागरिकता नहीं है। भारत में दोहरी नागरिकता की मान्यता न होने के कारण, OCI कार्डधारकों को कानूनी रूप से विदेशी नागरिक माना जाता है।
राजनीतिक अधिकारों का विवाद
विवाद का मुख्य केंद्र विदेशी नागरिकों के राजनीतिक अधिकार हैं। सरकार ने 2021 में नोटिफिकेशन अपडेट कर OCI कार्डधारकों को पत्रकारिता, शोध या संरक्षित क्षेत्रों में जाने से पहले मंजूरी लेने का नियम बनाया था। हालांकि, राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने पर मौजूदा कानूनी ढांचा काफी हद तक मौन है। अधिकारियों ने Immigration and Foreigners Act की धारा 7(2)(c) और धारा 29 का हवाला देते हुए यह नोटिस जारी किया है।
अदालती मिसाल
कानूनी विशेषज्ञ अब बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले पर नजर बनाए हुए हैं। इससे यह स्पष्ट हो सकता है कि क्या राजनीतिक भागीदारी OCI कार्डधारकों के लिए रेजिडेंसी नियमों का उल्लंघन है। इससे पहले 2020 में कलकत्ता हाई कोर्ट ने Citizenship (Amendment) Act के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले एक विदेशी छात्र को मिले 'Leave India' नोटिस को रद्द कर दिया था। अब कोर्ट के इस रिव्यू से साफ होगा कि सरकार किन हदों तक आव्रजन कानूनों का उपयोग कर सकती है।
