Aam Aadmi Party के नेता Saurabh Bharadwaj ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने दावा किया है कि दिल्ली स्थित पार्टी हेडक्वार्टर के पते पर जुलाई और सितंबर 2026 के बीच **58** कंपनियों ने GST रजिस्ट्रेशन करवाया है। पार्टी का आरोप है कि यह पंजाब चुनाव से पहले उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के जाल में फंसाने की साजिश है।
क्या है पूरा मामला?
Aam Aadmi Party ने दिल्ली के 1 Canning Lane स्थित अपने सरकारी बंगले के पते पर 58 अलग-अलग कॉर्पोरेट संस्थाओं के रजिस्टर्ड होने पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का कहना है कि यह जगह पूरी तरह से राजनीतिक कार्यों के लिए आवंटित है, फिर भी यहां इतनी सारी कंपनियां कैसे रजिस्टर्ड हो गईं?
मनी लॉन्ड्रिंग का शक
पार्टी लीडरशिप का मानना है कि यह कोई मामूली चूक नहीं है। इसके पीछे एक सोची-समझी साजिश हो सकती है, जिसका मकसद आने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आम आदमी पार्टी को 'हवाला' (Hawala) या मनी लॉन्ड्रिंग जैसे मामलों में फंसाना है। पार्टी के अनुसार, यह राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों की एक चाल है ताकि सरकारी जांच एजेंसियों के जरिए दबाव बनाया जा सके।
GST वेरिफिकेशन पर बड़े सवाल
इस मामले ने GST रजिस्ट्रेशन सिस्टम की सुरक्षा पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। नियमों के मुताबिक, GST रजिस्ट्रेशन के लिए आधार वेरिफिकेशन और फिजिकल साइट वेरिफिकेशन अनिवार्य है। पार्टी ने पूछा है कि आखिर सरकारी दस्तावेजों में ये वेरिफिकेशन कैसे पास हो गए? क्या टैक्स पोर्टल के सिस्टम में भारी चूक हुई है?
सरकार से जवाब की मांग
आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पार्टी ने यह भी कहा है कि इन कंपनियों के पीछे कौन लोग हैं, इसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए। यह घटना दर्शाती है कि कैसे बिजनेस रजिस्ट्रियों में फर्जीवाड़े का इस्तेमाल शेल कंपनियों को खड़ा करने के लिए किया जा सकता है। अब देखना होगा कि वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) या टैक्स अथॉरिटीज इस पर क्या प्रतिक्रिया देती हैं।
