IT सेक्टर में दिखी जोरदार खरीदारी
19 मई, 2026 को भारतीय शेयर बाजार में मिले-जुले रुझान के बीच टेक्नोलॉजी सेक्टर ने बाजी मारी। Infosys Ltd. के शेयर में 4.47% की बड़ी बढ़त दर्ज की गई और यह ₹1193.60 पर बंद हुआ। वहीं, Tech Mahindra Ltd. के शेयर में भी 3.88% का उछाल देखा गया और यह ₹1485.50 पर ट्रेड कर रहा था। मजबूत ट्रेडिंग वॉल्यूम और संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी ने इन शेयरों को सहारा दिया।
यह तेजी ऐसे समय में आई है जब AI से जुड़े संभावित खतरों और बड़ी IT कंपनियों की मिली-जुली कमाई की गाइडेंस जैसी चिंताएं बाजार में बनी हुई हैं। NIFTY IT इंडेक्स 18 मई को 2.4% चढ़ा, जबकि विश्लेषकों का मानना है कि रुपये की कमजोरी और सेक्टर की डिफेंसिव प्रकृति ने भी इसमें योगदान दिया है।
IT दिग्गजों की वैल्यूएशन और एनालिस्ट्स की राय
Infosys का मौजूदा P/E रेश्यो करीब 14.9 है, जो इसके ऐतिहासिक औसत और बाजार के 44.49 के P/E से काफी कम है। यह बताता है कि शेयर शायद अभी सस्ता है। Infosys पर विश्लेषकों की मिली-जुली राय है, ज्यादातर इसे 'होल्ड' करने की सलाह दे रहे हैं, हालांकि कुछ हालिया अनुमानों में तेजी की संभावना जताई गई है।
Tech Mahindra का P/E रेश्यो लगभग 26.5 है। यह अपने 10-साल के औसत से थोड़ा ऊपर है, लेकिन कुछ एनालिस्ट्स इसे कुछ पैमानों पर मामूली रूप से सस्ता मान रहे हैं। Tech Mahindra ने हालिया समय में अच्छी परफॉरमेंस दिखाई है और यह अपने छोटे अवधि के मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है, हालांकि यह अभी भी 100-दिन और 200-दिन के मूविंग एवरेज से नीचे है।
Hindalco और ONGC की विपरीत चाल
इसके विपरीत, Hindalco Industries Ltd. के शेयर में 1.20% की गिरावट आई और यह ₹1040.50 पर बंद हुआ। Oil & Natural Gas Corporation Ltd. (ONGC) के शेयर में भी 0.98% की गिरावट दर्ज की गई और यह ₹294.30 पर आ गया।
Hindalco का P/E रेश्यो लगभग 14.7 है, जो बताता है कि इसकी वैल्यूएशन बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन यह अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर के करीब ट्रेड कर रहा है। ONGC का P/E रेश्यो करीब 9.86 है, जो उचित वैल्यूएशन का संकेत देता है, और इसने पिछले छह महीनों में अच्छा प्रदर्शन किया है। इसके बावजूद, 19 मई को ONGC में गिरावट आई, जो संभवतः सेक्टर-व्यापी रुझानों या कमोडिटी की कीमतों में बदलाव के कारण हुई।
विश्लेषकों ने ONGC पर 'बाय' की राय बनाए रखी है, और टारगेट प्राइस में संभावित तेजी का संकेत दिया है।
सेक्टर का भविष्य और चुनौतियाँ
IT सेक्टर में 2026 तक सुधार की उम्मीद है, क्योंकि AI सेवाओं की मांग बढ़ रही है, जो अब नए कॉन्ट्रैक्ट्स का एक अहम हिस्सा हैं। इंडस्ट्री के अनुमानों के मुताबिक, 2026 में भारत का IT खर्च $176 बिलियन से अधिक हो जाएगा, जिसमें IT सेवाओं में 11.1% की वृद्धि होगी।
दूसरी ओर, मेटल्स और माइनिंग सेक्टर, जिसमें Hindalco काम करता है, में ग्रोथ की रफ्तार धीमी रहने का अनुमान है। अगले तीन वर्षों में रेवेन्यू ग्रोथ सालाना 3.3% रहने का अनुमान है, जो इंडस्ट्री के पिछले प्रदर्शन की तुलना में काफी कम है।
ONGC का प्रदर्शन वैश्विक ऊर्जा कीमतों से जुड़ा हुआ है। हालांकि इसने मजबूती दिखाई है, लेकिन FY25 के वित्तीय नतीजों में ऑपरेटिंग और नेट प्रॉफिट में साल-दर-साल गिरावट दर्ज की गई थी।
जोखिम और वैल्यूएशन
IT सेक्टर में तेजी के बावजूद, जोखिम बने हुए हैं। AI से पारंपरिक IT सेवाओं से होने वाली आय में कमी आने की चिंताएं अभी भी हैं। Infosys के लिए, कुछ विश्लेषकों ने कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू में साल-दर-साल गिरावट और ऑपरेटिंग मार्जिन में मामूली कमी देखी है।
Hindalco के लिए, अगले तीन वर्षों में रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान भारतीय मेटल्स और माइनिंग इंडस्ट्री की तुलना में धीमा रहने की उम्मीद है। ONGC, 'बाय' रेटिंग के बावजूद, कुछ 'मामूली रूप से ओवरवैल्यूड' के आकलन का सामना कर रहा है, जिसका P/E रेश्यो इसके 10-साल के औसत से 35% अधिक है।
