Zepto की शेयर बाजार में एंट्री की तैयारी
क्विक कॉमर्स कंपनी Zepto अपनी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) को जुलाई में लॉन्च करने के लिए तैयार है। कंपनी का लक्ष्य लगभग ₹11,000 करोड़ जुटाना है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से मंजूरी मिलने के बाद, Zepto इस महीने के अंत तक शेयर बाजार में लिस्ट होने की राह पर है। साल 2021 में स्थापित हुई Zepto ने अगस्त 2023 में यूनिकॉर्न का दर्जा हासिल किया था, और अब यह Zomato और Swiggy जैसे पब्लिक लिस्टेड प्रतिद्वंद्वियों के साथ खड़ी होगी।
'डार्क स्टोर' पर खास फोकस
Zepto अपनी रणनीति में बाकी कंपनियों से अलग है। यह कंपनी व्यापक भौगोलिक विस्तार के बजाय बाजार की गहराई पर जोर देती है। Zepto एक शहर में औसतन लगभग 21 डार्क स्टोर चलाती है, जो इसके प्रतिद्वंद्वियों (जो औसतन 9 स्टोर चलाते हैं) से काफी ज्यादा है। इस रणनीति का मकसद मौजूदा मेट्रो बाजारों को तेजी से कवर करना है, जिससे डिलीवरी तेज हो, ऑर्डर फ्रीक्वेंसी बढ़े और ग्राहकों का जुड़ाव मजबूत हो। माना जा रहा है कि इस गहरी पैठ वाली रणनीति से राष्ट्रीय स्तर पर पतली कवरेज की तुलना में बेहतर यूनिट इकोनॉमिक्स मिलेंगे। Zepto का नेटवर्क मेट्रो शहरों पर केंद्रित है, जो घनी आबादी वाले शहरी समूहों पर इसके विशेष ध्यान को दर्शाता है।
मजबूत फंडिग और बाजार में पकड़
सार्वजनिक बाजार में आने से पहले, Zepto ने प्राइवेट राउंड्स में बड़ी फंडिंग जुटाई है। अक्टूबर 2025 में, कंपनी ने $450 मिलियन जुटाए थे, जिससे इसका वैल्यूएशन $7 बिलियन हो गया था। इससे पहले, अगस्त 2023 में सीरीज़ E राउंड में $200 मिलियन मिले थे, तब इसका वैल्यूएशन $1.4 बिलियन था। Zepto ने कुल मिलाकर 15 फंडिंग राउंड्स में $2.3 बिलियन जुटाए हैं। शुरुआती 2026 तक, Zepto भारतीय क्विक-कॉमर्स बाजार का लगभग 28% हिस्सा रखती है। यह Blinkit (जो 40-45% पर लीड कर रहा है) से थोड़ा पीछे है, लेकिन अन्य रैपिड डिलीवरी सेगमेंट में सबसे आगे है। भारत में क्विक-कॉमर्स इंडस्ट्री 2026 तक $6.94 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है।
कड़ी प्रतिस्पर्धा और मुनाफे की चुनौतियां
Zepto को Blinkit (जिसे Zomato का समर्थन प्राप्त है) और Swiggy Instamart जैसे स्थापित दिग्गजों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। जबकि Blinkit के पास बाजार का लगभग 40-45% हिस्सा है, Zepto एक प्रमुख दावेदार है, और Swiggy Instamart भी मजबूत स्थिति के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहा है। क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के लिए मुनाफा कमाना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। Zepto ने FY25 में ₹3,367 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया, जो पिछले साल से ज्यादा है। कंपनी का लक्ष्य FY26 तक प्रॉफिटेबल बनना है, जिसमें PAT (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) पॉजिटिव स्थिति हासिल करने का लक्ष्य है। हालांकि, बढ़ते ऑपरेशनल खर्चे और प्रतिस्पर्धा मार्जिन पर दबाव डाल रहे हैं, जहां ब्रांडों के लिए प्लेटफॉर्म फीस कभी-कभी बिक्री मूल्य के 35% से अधिक हो जाती है।
भविष्य की राह
Zepto के IPO से कंपनी को काफी वित्तीय मजबूती मिलने की उम्मीद है, जिससे वह अधिक आक्रामक तरीके से प्रतिस्पर्धा कर सकेगी और टेक्नोलॉजी व ऑपरेशनल सुधारों में और निवेश कर सकेगी। कंपनी अपनी डार्क स्टोर की संख्या बढ़ाने और सप्लाई चेन इंटेलिजेंस व AI क्षमताओं को बेहतर बनाने की योजना बना रही है। Zepto के IPO की सफलता पर बारीकी से नजर रखी जाएगी, क्योंकि यह भारत के तेजी से बढ़ते टेक स्टार्टअप और क्विक-कॉमर्स सेक्टर में निवेशक के विश्वास का बैरोमीटर साबित होगा।
